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टिकैत ने कहा, ट्रैक्टर और ट्विटर पर सक्रिय रहें युवा

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गोण्डा क्षेत्र के गांव लगसभा के मजरा भ्यामल खेड़ा में आयोजित विशाल किसान पंचायत में मंच पर चढ़ने - फोटो : CITY OFFICE
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जिले के जाटलैंड में जट्टारी से लेकर गोंडा तक के रास्ते पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का जोरदार स्वागत हुआ। इससे गद्गद टिकैत ने अपने संबोधन में कहा कि चौ.चरण सिंह इसे यूं ही मिनी सिसौली नहीं कहते थे। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में भी इस भूमि की अहम भूमिका है। इसलिए वह युवाओं से आह्वान करते हैं कि वह ट्रैक्टर और ट्विटर पर सक्रिय रहें। सोशल मीडिया से लोगों को जवाब दें तो खेतों का काम भी संभालें।
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उन्होंने कहा कि आंदोलन में जहां हैं, जैसे हैं, वैसे ही साथ दें। अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचे और अगर नहीं पहुंच पाए तो गांव में ही प्रदर्शन कर साथ दें। शनिवार सुबह नोएडा से जट्टारी तक कई जगह किसानों ने उनके काफिले का स्वागत किया। उनके काफिले के साथ अन्य वाहन जुड़ते गए। गोंडा में महिलाओं ने भी स्वागत किया। यहां से उन्होंने अपनी कार की ऊपर की छत को खोल दिया और खड़े होकर अभिवादन स्वीकार करने लगे। युवाओं के जुलूस और नारेबाजी के साथ सभास्थल तक पहुंचे। उनके आने के बाद मंच पर चढ़ने को लेकर लोगों में धक्कामुक्की हुई।
बाद में पुलिस ने किसी तरह से वहां सुरक्षा बढ़ाई और मंच खाली कराया। इस दौरान मंच पर भी गर्मजोशी से उनका स्वागत साफा बांधकर, हल भेंटकर किया गया। महापंचायत के बाद वह स्थानीय लोगों के साथ भ्यामल खेड़ा मंदिर पर आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और फिर उसी अंदाज से वापस हुए। इस दौरान गोंडा में उन्होंने जलपान किया। इधर, अलवर की घटना को ध्यान में रखते हुए यहां आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखे गए। एसपी यातायात सतीश चंद्र, सीओ इगलास व कई थानों का फोर्स भी मौजूद रह।
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हम राम-राम वाले, वे जय श्रीराम वाले : युद्धवीर
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने शनिवार को गोंडा के भ्यामल खेड़ा में हुई किसान महापंचायत में कहा कि कहा कि दिल्ली में घुसने के छह रास्तों को किसानों ने घेर कर रखा है। धरना जारी है। ये आंदोलन किसानों की जमीन बचाने के लिए है। जिसमें साढे़ तीन सौ किसान की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रधानमंत्री ने कोई संवेदना व्यक्त नही की। हां, मुंबई की नाचने वाली के चोट लगने पर प्रधानमंत्री ट्वीट कर दुख प्रकट किया।
युद्धवीर सिंह ने कहा कि नये कृषि कानून बनने के बाद किसानों को लूटने की कई घटनाएं हो चुकी है। पूंजीपतियों द्वारा किसान के 1400 लाख करोड़ के खुदरा व्यापार पर कब्जा कराने के लिए यह कृषि कानून बनाए गए हैं। एमएसपी नहीं देने के चलते किसानों का 45 लाख करोड़ रुपये सरकार पर बकाया है, जबकि सरकार का किसानों पर 12 लाख करोड़ का बकाया है। बोले..किसान से बड़ा रामभक्त और नहीं है।
किसान सुबह जागने से लेकर हर काम राम का नाम लेकर ही करते हैं। यह जय श्री राम वाले है और हम राम राम वाले है। हमारा ब्योंत इनसे नहीं बनेगा, इनसे हमारी रिश्तेदारी नहीं होगी। बोले... कितनों ने अयोध्या देखी है। राम मंदिर बनने से क्या रोटी मिल जाएगी। पीएम मोदी से बड़ा झूठ कोई नहीं बोल सकता।
पीएम मोदी ने बांग्लादेश में कहा कि बंगाल के आजादी के आंदोलन में वह जेल गये थे। बांग्लादेश के आंदोलन को युद्ध हुआ था, न कि कोई आंदोलन चला था। अंत में उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में हमारा युवा भटक गया था। मगर इस बार सबक लें और जैसे देश भर में भाजपा का विरोध हो रहा है। यहां से भी विरोध के स्वर उठें। अब तक गोंडा से दिल्ली में मिल रहे सहयोग पर आभार जताया और आगे भी सहयोग मांगा।

गोंडा क्षेत्र के गांव लगसमा के मजरा भ्यामल खेड़ा में आयोजित विशाल किसान महापंचायत में किसानों क?- फोटो : CITY OFFICE

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