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Aligarh News: 2.17 लाख के नकली नोट चलाने पहुंचा युवक गिरफ्तार, साथी भागा, पुलिस जांच में जुटी

Sat, 25 Oct 2025 11:51 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पकड़े गए आरोपी ने जो क्यूआर कोड दुकानदार को रुपये ट्रांसफर करने के लिए दिया था, वह मालदा के अब्दुल रहमान नाम के व्यक्ति का है। इसी से स्पष्ट हुआ कि आरोपी पश्चिम बंगाल से मालदा के जरिये भारत आ रही नकली करेंसी नेटवर्क से जुड़ा है।
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नकली 500 के नोट की गड्डियां - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ में देहली गेट खैर रोड इलाके में 24 अक्तूबर रात एक जनसेवा केंद्र पर 2.17 लाख के नकली नोट चलाने पहुंचा युवक दबोच लिया गया। हालांकि उसका साथी भाग गया। पुलिस व एजेंसियों की जांच में युवक पश्चिम बंगाल के जरिये भारत आ रही नकली करेंसी नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है।

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घटनाक्रम 24 अक्तूबर रात करीब नौ बजे के आसपास का है। देहली गेट के खैर रोड सुभाष मार्केट में उत्कर्ष नाम का युवक जनसेवा केंद्र चलाता है। जहां रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने की भी सुविधा है। नंबर प्लेट पर पुलिस लिखी बुलेट बाइक पर दो युवक दुकान के बाहर आए। एक बाइक पर खड़ा रहा, जबकि दूसरा दुकान के अंदर पहुंंचकर बोला कि उसके पास कुछ नकदी है, जो एक खाते में ट्रांसफर करानी है। उसने 500-500 रुपये के नोटों की दो गड्डियां दीं और एक क्यूआर कोड दिखाकर बोले कि इसी में ट्रांसफर करने हैं।

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उत्कर्ष ने जब नोट चेक किए तो उसे कुछ शक हुआ। शक होने पर उसने अपने पड़ोसी टेलीकॉम सेंटर संचालक दीपक को फोन कर अंदर बुला लिया। उसने भी नोट देखे तो उसमें महात्मा गांधी का फोटो व तार असली नोटों की तरह स्पष्ट नहीं थे। उलट पलटकर देखने पर रंग बदल रहा था। इस पर नोट लेकर आए युवक को वहीं दबोच लिया गया। बाहर खड़ा उसका साथी यह देख बाइक छोड़कर भाग गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।

पूछताछ में उसने खुद का परिचय कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव गणेशपुर बाग के जिकरुल हसन के रूप में दिया। साथ में देहली गेट में अपनी ससुराल होना बताया। तलाशी में उसके पास कुल 2.17 लाख कीमत के 500-500 के 434 नकली नोट मिले। इस मामले में पुलिस ने दुकानदार दीपक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। इसमें जिकरुल व उसके साथी को आरोपी बनाया है। आरोपी से थाना पुलिस की सूचना पर एटीएस व इंटेलीजेंस टीमों ने भी पूछताछ की है। देर रात तक उससे जुड़े नेटवर्क को खंगालने का प्रयास जारी था। सीओ प्रथम मयंक पाठक बताते हैं कि आरोपी अब तक की जांच में पश्चिम बंगाल नेटवर्क से जुड़ा लग रहा है। जांच व पूछताछ जारी है। रविवार तक काफी कुछ स्पष्ट किया जा सकेगा।

पहले भी गया जेल, मालदा के जरिये आए नोट
पकड़े गए आरोपी ने जो क्यूआर कोड दुकानदार को रुपये ट्रांसफर करने के लिए दिया था, वह मालदा के अब्दुल रहमान नाम के व्यक्ति का है। इसी से स्पष्ट हुआ कि आरोपी पश्चिम बंगाल से मालदा के जरिये भारत आ रही नकली करेंसी नेटवर्क से जुड़ा है। एटीएस जांच में यह भी उजागर हुआ कि आरोपी पहले जेल गया है। यह नेटवर्क मालदा से ट्रेन के रास्ते यूपी व दिल्ली तक नकली नोट की तस्करी का धंधा करता है। अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों में पशु बाजार व गांव में लगने वाले बाजारों में ये नोट चलाने का पुराना नेटवर्क है।
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