अलीगढ़ के रोरावर क्षेत्र में मंगलवार रात मुखबिरी के शक में युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इससे पहले आरोपी उसे घर से बुलाकर लाए और शराब पिलाई। फिर झगड़े की आड़ में उसे चाकू से गोद दिया। पुलिस ने दो आरोपी रात में ही और तीसरे को बुधवार दिन में गिरफ्तार कर लिया। रात में पकड़े गए दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं।
घटनाक्रम के अनुसार गोश्त वाली गली रोरावर निवासी 42 वर्षीय नूर हसन उर्फ पुलिया घर में पत्नी पत्नी हसीना बेगम और चार बेटों के साथ रहता था। परिवार का आरोप है कि मंगलवार रात करीब 8.30 बजे गली का ही शाकिर, शाहजमाल ट्रांसफार्मर वाली गली का शाहरुख उर्फ तुल्ला व नीवरी का अफजाल उसे घर से अपने साथ ले गए। इसके बाद काफी देर तक नूर हसन घर नहीं लौटा। चारों लोग घर से कुछ कदम आगे ही शराब पी रहे थे।
इसी दौरान नामजदों में से तुल्ला का नूर हसन से किसी बात पर विवाद शुरू हुआ और सभी ने मिलकर उसे पीटा और पास की दुकान से चाकू लेकर पहले गला रेता और फिर पेट में एक-एक कर आठ बार प्रहार किए। जिससे नूर की मौके पर ही मौत हो गई। इसी बीच नूर हसन का बेटा मोहम्मद अली पिता को खोजते हुए पहुंचा तो आरोपी उसे देखकर भाग गए।
आनन-फानन बेटा उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पुलिस के साथ-साथ अन्य परिजन भी पहुंच गए। मामले में तहरीर देकर बेटे की ओर से तीनों आरोपियों के नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले में रात में ही प्रयास कर पुलिस ने शाकिर व तुल्ला को गिरफ्तार कर लिया और बुधवार को दिन में तीसरे आरोपी अफजाल को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। इधर, पुलिस जांच में उजागर हुआ है कि आरोपी पुलिस मुखबिर बनकर इलाके में रौब गालिब करता था। इसी बात पर झगड़ा हुआ था।
अक्सर लोगों से रुपये छीन लेने और जेल भिजवाने तक की धमकी देता था। इसी तरह के विवाद में झगड़े के दौरान हत्या हुई है। इधर, सीओ प्रथम अभय पांडेय का कहना है कि नशेबाजी के झगड़े में यह घटना हुई है। तीनों आरोपी गिरफ्तार हैं, जिनमें से दो को जेल भेज दिया गया है।