युवक को बेरहमी से पीटा, दरोगा सस्पेंड
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अधिकारियों के तमाम प्रयासों के बाद भी पुलिसकर्मियों में सुधार नहीं आ रहा और लगातार फजीहत करा रहे हैं। बुधवार को भी दो प्रकरण अधिकारियों के सामने आए, जिनमें पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे। एक मामला गोंडा के गांव सुबकरा का है, जहां पुलिस को देख न रुकने पर बाइक सवार को इस कदर पीटा गया कि वह बुरी तरह जख्मी हो गया। इस शिकायत पर एसएसपी ने दरोगा निलंबित कर दिया है। दूसरा मामला ऊपरकोट का है,
जहां जाम खुलवा रहे सिपाहियों ने पैदल जा रही दो महिलाओं को डंडे से पीट दिया और एक महिला की हड्डी तक खिसक गई। इसे लेकर हंगामे पर सीओ ने जांच व कार्रवाई का भरोसा देकर हंगामा शांत कराया।
गोंडा के गांव सुबकरा का युवक शैलेंद्र पुत्र वीरपाल सपा का कार्यकर्ता है। बुधवार दुपहर लोधा ब्लाक प्रमुख गिरीश यादव के साथ गांव के कई दर्जन लोग घायल शैलेंद्र को लेकर एसएसपी दफ्तर पहुंचे। जहां बताया कि 13 सितंबर की देर शाम गांव से बाइक पर कस्बा गोंडा की ओर जा रहा था।
तभी रास्ते में थाने के दरोगा योगेन्द्र ने उसे बाइक रुकवाने के लिए इशारा किया। दरोगा की मानें तो इस कदर नशे में था कि रुका नहीं। परिजनों का आरोप है कि उसे दौड़ाकर पकड़ा और बुरी तरह से पीटा। उसे डंडों से पीटकर गायब कर दिया। इसके बाद जब खबर परिजनों तक पहुंची तो उसे तलाशा गया।
मगर कहीं नहीं मिला। उल्टा पुलिसकर्मी कहने लगे कि वह अस्पताल होगा। नशे में झूमता हुआ गया था। कहीं गिर गया होगा। एसएसपी ने जब घायल की चोट देखी तो तत्काल सीओ इगलास को विभागीय जांच के निर्देश दिए और एसपी ग्रामीण को हकीकत पता करने के लिए निर्देश दिए।
कुछ घंटे में एसपी देहात से मिली जांच के आधार पर दरोगा योगेन्द्र को निलंबित कर दिया। इधर, शैलेन्द्र के पिता वीरपाल सिंह ने मुकदमे की मांग की है।