सीओ का कहना है कि दोनों के परिवार वालों से पूछताछ में जो पता चला है उसके मुताबिक हेमंत की अपने मकान मालिक की इंटर में पढ़ने वाली बेटी सानिया से जान पहचान के बाद नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों चोरी-छिपे मिलने लगे। सुबह को दोनों ही घर से निकल गए। देर शाम तक जब यह घर नहीं आए तो परिजनों को कुछ शक हुआ। दोनों के फोन भी बंद जा रहे थे।
24 मार्च की देर रात करीब साढ़े बारह बजे गांधीपार्क क्षेत्र में अलीगढ़-दाऊद खां रेलवे स्टेशन के मध्य एक युवक-युवती ने वैशाली एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। परिवार वालों का कहना है कि सुबह से ही दोनों घर से गायब थे। युवक पेशे से ड्राइवर था और युवती इंटर की छात्रा। पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। हालांकि, परिजन इस मामले में चुप्पी साधे हैं।
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सीओ बन्ना देवी राजीव द्विवेदी के मुताबिक डोरी नगर इलाके में रहने वाले धनीराम रेलवे कर्मी हैं। वह मूल रूप से थाना मडराक क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनके मकान में थाना टप्पल के श्याराैल निवासी वेद प्रकाश भारद्वाज करीब डेढ़ माह पहले ही किराये पर रहने आए थे। वेदप्रकाश भारद्वाज करीब 20 साल से नगर निगम में संविदा चालक के रूप में कार्यरत हैं। वेदप्रकाश का तीसरे नंबर का बेटा हेमंत भारद्वाज (28) पेशे से ड्राइवर था। वह किराये की कार चलाता था। सीओ का कहना है कि दोनों के परिवार वालों से पूछताछ में जो पता चला है उसके मुताबिक हेमंत की अपने मकान मालिक की इंटर में पढ़ने वाली बेटी सानिया से जान पहचान के बाद नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों चोरी-छिपे मिलने लगे।
24 मार्च सुबह को दोनों ही घर से निकल गए। देर शाम तक जब यह घर नहीं आए तो परिजनों को कुछ शक हुआ। दोनों के फोन भी बंद जा रहे थे। चिंतित परिजन उनकी तलाश में जुट गए। इसी बीच गाड़ी संख्या 12554 वैशाली एक्सप्रेस के चालक ने टूंडला कंट्रोल रूम को सूचना दी कि दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर अलीगढ़- दाऊद खां रेलवे स्टेशन के मध्य एक युवक-युवती के शव पड़े हैं। इन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी है। इस सूचना पर आरपीएफ, जीआरपी व थाना गांधीपार्क पुलिस मौके पर पहुंच गई। सानिया और हेमंत के परिवार वाले भी पहुंच गए और दोनों की पहचान कर ली। पुलिस भले ही मामले को प्रेम प्रसंग का मान रही है लेकिन दोनों के ही परिवार वालों ने किसी प्रकार की जानकारी होने से साफ इन्कार किया है।