महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को इस बार कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इस दिन की पूजा और व्रत को और अधिक फलदायक बनाते हैं। सबसे प्रमुख योग है सर्वार्थ सिद्धि योग, जिसे अति शुभ और दुर्लभ माना जाता है। इस योग में की गई पूजा, जप और व्रत सभी प्रकार की बाधाओं को दूर कर सफलता प्रदान करते हैं।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य पंडित हृदेश शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव, मानसिक शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसके साथ ही इस दिन अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। महाशिवरात्रि की शाम में श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग भी बन रहा है। शाम 07:48 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा उसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू होगा।