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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण: बेसमेंट में चल रहे एक्सरे रूम, सभागार व कोचिंग सेंटर किए सील, जारी रहेगी कार्रवाई

Thu, 01 Aug 2024 11:43 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

रामघाट रोड स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल के बेसमेंट में संचालित एक्स-रे रूम, बिट ग्रुप ऑफ एजुकेशन के सभागार, मैरिस रोड स्थित विला कंपाउंड में बेसमेंट में संचालित यासिर अली कोचिंग क्लासेज पर सील लगा दी।
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा बेसमेंट में जल रही जिम को किया गया सील - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने 31 जुलाई को बेसमेंट में चल रहे एक्स-रे रूम, सभागार और कोचिंग सेंटर को सील कर दिया है, लेकिन अभी भी कुछ जगहों पर बेसमेंट में कपड़ों की दुकान, रेस्टोरेंट और जिम का संचालन हो रहा है। इन पर कब कार्रवाई होगी, इसका इंतजार शहरवासी कर रहे हैं?

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30 जुलाई को एडीए ने बेसमेंट में चल रहे 20 कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और दुकानों पर सील लगा दी थी। 31 जुलाई को थाना क्वार्सी क्षेत्र के दल प्रभारी अधिशाषी अभियंता अनिल कुमार सिंह, अवर अभियंता अशोक कुमार ने रामघाट रोड स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल के बेसमेंट में संचालित एक्स-रे रूम, जोन-2 में सासनीगेट दल की प्रभारी एडीए सचिव दीपाली भार्गव, सहायक अभियंता वेद प्रकाश सिंह, श्यामवीर ने बेसमेंट में संचालित बिट ग्रुप ऑफ एजुकेशन के सभागार और जोन-3 सिविल लाइंस दल की प्रभारी सहायक नगर नियोजक प्रीति सागर, अवर अभियंता मनोज कुमार शर्मा, सुपरवाइजर विश्वजीत सिंह ने मैरिस रोड स्थित विला कंपाउंड में बेसमेंट में संचालित यासिर अली कोचिंग क्लासेज पर सील लगा दी।

इस संबंध में एडीए उपाध्यक्ष अपूर्वा दुबे ने बेसमेंट में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट, जिम को हटाने की हिदायत दी है, वरना सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बिट ग्रुप ऑफ एजुकेशन के संचालक मनीष शर्मा का कहना है कि बेसमेंट को पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे। वहां पर पार्किंग का बोर्ड भी लगा था मगर एडीए की टीम ने उसे सभागार मानते हुए सील कर दिया।

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अफसर सोते रहे....बेसमेंट में सेंटर खुलते रहे

दिल्ली हादसे के बाद ही अफसरों की नींद टूटी है। अलीगढ़ में तमाम सेंटर ऐसे हैं जो बेसमेंट में चल रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि अफसरों को पता न हो। सब जानते थे लेकिन संस्थाओं के संचालकों से याराना निभा रहे थे। बेसमेंट में जहां पार्किंग की जगह थी वहां कोचिंग सेंटर शुरू कर दिए गए। स्टोर में लैब खोल दी गईं। इतना ही नहीं यहां सुरक्षा के मानकों का भी ख्याल नहीं रखा गया। बेसमेंट में चल रहे इन सेंटरों का प्रवेश द्वार भी संकरा है। सही से हवा तक यहां नहीं पहुंच सकती। लेकिन मोटी रकम लेने वाले यह सेंटर संचालक लोगों की सेहत से खेल रहे थे। इसके लिए सीधे तौर पर अफसर ही जिम्मेदार हैं। जो कार्रवाई आज की जा रही है अगर पहले भी की गई होती तो यह हालात न होते।

मैरिस रोड पर बेसमेंट में जिम का संचालन हो रहा है। रामघाट रोड पर बेसमेंट में मार्केट बनी है, जिसमें कई दुकानें संचालित हो रही हैं। इसी तरह मीनाक्षी पुल के नीचे बेसमेंट में रेस्टोरेंट चल रहा है, यहां हवा के लिए क्रॉस वेंटिलेशन नहीं है। बेसमेंट में जाने के लिए एक ही रास्ता है, जो अप्रिय घटना होने पर निकलने में मुश्किल हो सकती है। इसी दोधपुर में भी बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं।

पहले कार्रवाई क्यों नहीं
दिल्ली के कोचिंग सेंटर में हादसे के बाद एडीए ने यहां बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। महानगर के लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई पहले क्यों नहीं की गई? क्या हादसों के बाद ही इस तरह की कार्रवाई होती है?
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