एएमयू के छात्रसंघ भवन में छात्रसंघ की बैठक में पदाधिकारियों ने भूगर्भ विज्ञान विभाग के निष्कासित शोधार्थी छात्र मन्नान बशीर वानी को लापता मानते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर उसकी तलाश की मांग की है।
छात्रसंघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने बताया कि मन्नान वानी को लापता हुए दो सप्ताह से अधिक हो गया है, लेकिन आज तक आईबी सहित किसी भी इंटेलिजेंस एजेंसी की जांच में यह साबित नहीं हो सका है कि मन्नान वानी के किसी भी प्रतिबंधित आतंकी संगठन से संबंध है। सिर्फ मीडिया की रिपोर्ट के आधार पर किसी को आतंकी नहीं माना जा सकता है। जब तक देश की कोई भी अधिकृत सुरक्षा एजेंसी इसकी पुष्टि न कर दे। इसलिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा गया है। एएमयू के छात्रसंघ पदाधिकारी हॉस्टलों में छात्रों के बीच जाकर मन्नान वानी के लापता होने की जानकारी देकर विश्वविद्यालय से लेकर देशव्यापी आंदोलन करेंगे। इस मौके पर छात्रसंघ उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर, सचिव फहद आदि मौजूद रहे।
एएमयू इंतजामिया की जांच रिपोर्ट का अध्ययन शुरू
एएमयू इंतजामिया ने पुलिस प्रशासन को निष्कासित शोधार्थी छात्र मन्नान बशीर वानी से संबंधित जांच रिपोर्ट पुलिस प्रशासन को सौंप दी है। इसमें मन्नान के दाखिले से लेकर दो जनवरी तक की सारी जानकारी है। इंतजामिया ने सौंपी जांच में मन्नान ने एएमयू में कब दाखिला लिया था। उसके किन लोगों से संबंध हैं। शोधार्थी के हर उन पहलुओं की जानकारी मुहैया करायी, जो मन्नान से जुड़ी थी। हालांकि, रिकॉर्ड में मन्नान के संदिग्ध होने की जानकारी नहीं है और न ही कभी इस तरह की कोई उसके खिलाफ जांच की गई हो। उधर, एएमयू इंतजामिया ने छात्रों के 10 साल का रिकार्ड तो दे दिया है, लेकिन जो बीच में छोड़कर चले गए, उनके रिकॉर्ड नहीं दे पायी। इंतजामिया ने उन छात्रों के रिकॉर्ड भी जुटा रही है। पुलिस व एजेंसियां अब इस जांच रिपोर्ट के अध्ययन में जुट गई है। ताकि उसके आधार पर उसके करीबियों को जांच के दायरे में लाया जा सके।