शहर के तालाब चौराहा ओवरब्रिज के ऊंचे कर्व पर श्रमिक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के पेंट कर रहे हैं। लापरवाही का यह आलम तब है, जब ओवरब्रिज के नीचे से सुपरफास्ट ट्रेनें और ऊपर से सैकड़ों वाहन लगातार गुजरते रहते हैं। शिकायत होने पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने काम बंद कराकर ठेकेदार को तलब कर सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने को कहा है।
यह ओवरब्रिज पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज रेलखंड पर स्थित है। श्रमिकों की जान खतरे में डालकर किए जा रहे इस कार्य पर राहगीरों ने भी चिंता जताई। दोपहर के समय पुल से गुजर रहे लोगों ने देखा कि सात-आठ मजदूर ऊंचाई पर रस्सियों के सहारे झूलते हुए पेंटिंग कर रहे थे, न उनके पास सेफ्टी बेल्ट थी, न हेलमेट, न कोई मजबूत रस्सी का सुरक्षा इंतजाम। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला चर्चा में आया। सूचना मिलते ही श्रम प्रवर्तन अधिकारी मौके पर पहुंचे और तुरंत कार्य रुकवाया। वहीं, रेलवे अधिकारियों से जब इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने ठेकेदार का जिम्मा बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। चर्चा रही कि इस तरह की लापरवाही से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि ओवरब्रिज पर नीचे से लगातार ट्रैफिक और ट्रेनें गुजरती रहती हैं।
इस तरह बिना सुरक्षा मानक के किसी भी श्रमिक से ऊंचाई पर कार्य कराना श्रम सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। पूछताछ में ठेकेदार ने बताया कि वह रेलवे के ठेके पर कार्य करा रहा है, उन्हें दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है।
सतेंद्र मिश्रा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी हाथरस।
रेलवे में ठेकेदारों का पंजीयन नहीं होता, खुला ठेका होता है, जिस संस्था ने इस रेलवे ब्रिज को बनाया है, उसकी ही जिम्मेदारी मरम्मत की होती है। इसमें ठेकेदार ही व्यवस्थाएं देखेगा।
संजीव शर्मा, मंडलीय वरिष्ठ वाणिज्य प्रबधंक, इज्जतनगर मंडल।
मेरे पास हाथरस ही नहीं बल्कि आसपास के कई ओवरब्रिज पर काम करने का ठेका है। मेरी फर्म बिहार की है, मैं अभी इज्जतनगर में हूं। सुरक्षा बेल्ट व अन्य सुरक्षा उपकरण हाथरस भेज रहा हूं।
-अरुण कुमार, पेंटिंग ठेकेदार।