नगर निगम की सीमा में शामिल हुए नए 18 गांवों में विकास की अलख जल्द ही जलेगी। इसके लिए समुचित प्रस्ताव बना कर नगर विकास विभाग से बजट मांगा गया हैै। जिससे इन गांवों में पेयजल, बिजली, सड़क, पार्क, गली और कूड़ा डलाव घरों का निर्माण हो सके।
अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने भाजपाइयों को इसकी जानकारी दी। शहर में ई रिक्शा से लगने वाले जाम पर उन्होंने कहा कि 15 नई सिटी बस मांगी गई हैं, जल्द ही इनका संचालन होगा। इसके बाद ई रिक्शा की संख्या सीमित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने 11 लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।
उन्होंने कहा कि भाजपाइयों को जिला एवं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से कोई खास शिकायत नहीं है। उनके सामने कोई बड़ा मुद्दा नहीं आया है। प्रभारी मंत्री के इस दावे से अलग कार्यकर्ताओं के पास जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लगी है।
भाजपा के सरकार में आने के बाद से ऐसी शिकायतें और घटनाक्रमों की अपनी फेहरिस्त मौजूद है। समन्वय समिति में भी भाजपा के एक पार्षद ने एक अफसर के रवैये को लेकर शिकायत की तो उसको खामोश कर दिया गया।
विमलेश ने लिखा खत, रास्ता न बने
भाजपा की जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष विमलेश कुमारी ने स्वर्णजयंती नगर में उनकी कालोनी के सामने से निजी कालोनी के लिए रास्ता बनाए जाने का विरोध किया है। एडीए से लेकर कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी तक इस मामले की शिकायत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब विमलेश ने इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री से की है। सुरेश राणा ने खत मिलने के बाद ही कार्रवाई की बात कही है। समन्वय बैठक में पहुंची विमलेश उस वक्त अपना शिकायती पत्र प्रभारी मंत्री को नहीं दे पाई थी।
रवेंद्र की नाराजगी टाल गए प्रभारी मंत्री
बीते दिनों छर्रा के गांव रुखाला में गंगा स्नान करने गए लोगों से भरे ट्रैक्टर को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। जिसमें एक ही खानदान के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों को दो-दो लाख और 50-50 हजार रुपये घायलों को देने को निर्देश दिया था। एडीएम फायनेंस ने चेक वितरण के मौके पर बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह को बुला लिया था। जिसका छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह ने विरोध जताया था। रवेंद्र पाल सिंह ने स्टेडियम में योग आसान लगाने के बाद इस मुद्दे को प्रभारी मंत्री के समक्ष भी उठाया, लेकिन उन्होंने इसको तूल नहीं दिया। ये कह कर बात टाल दी कि ये कोई इश्यू नहीं है।