कौशल कुमार ओझा
कोरोना महामारी के दौर में दो गज की दूरी और मास्क जरूरी का फार्मूला अपनाया गया ताकि वायरस के संक्रमण को रोका जा सके। डर का ऐसा माहौल बन गया था कि अपने भी चाह कर मदद नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में सिर्फ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी एक उम्मीद की किरण थे। वह न सिर्फ मरीजों का इलाज कर रहे थे, बल्कि उनको मानसिक तौर पर मजबूत बनाने का काम कर रहे थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय की हेल्थ विजिटर गीता डे कोरोना योद्धा के रूप में काम कर रही हैं।
गीता डे 16 जनवरी से लेकर 6 मार्च 2021 तक एक हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों एवं 45 से 59 वर्ष के बीमार लोगों को कोरोना का टीका लगा चुकी हैं। मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी मुनिराज जी, एडी हेल्थ डॉ. एसके उपाध्याय, जेडी हेल्थ डॉ. वीके सिंह, सीएमएस डॉ. एबी सिंह, पूर्व सीएमएस डॉ. याचना शर्मा आदि को भी टीका लगाया था। स्वास्थ्य विभाग में करीब 35 साल से सेवाएं दे रहीं गीता डे कहती हैं, कोरोना वायरस बिल्कुल अलग है। सबसे पहले इससे खुद को बचाना, फिर मरीजों का इलाज करना होता है। अकेलेपन से जूझ रहे मरीज से अपनत्व दिखाना पड़ता है। वह पूरे आत्मविश्वास से कहती हैं, जिस तरह पोलियो को हम हरा चुके हैं, कोरोना को भी हराएंगे।