गंगीरी में लैंप बनातीं कपूरी देवी।
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गंगीरी के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं डेकोरेटेड ग्लास और अन्य आकर्षक उपकरण बनाने का कार्य कर रही हैं। इस पहल से उन्हें घर बैठे ही रोजगार मिल रहा है। साथ ही, वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
यह कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। समूह की सदस्य कपूरी देवी अपनी कला और कौशल का उपयोग कर रही हैं। वे विभिन्न प्रकार के सजावटी सामान तैयार करती हैं। इन उत्पादों में डेकोरेटेड ग्लास प्रमुख हैं। इन उत्पादों की स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है।
कपूरी देवी के साथ रजनी देवी, मीना देवी, चंपा देवी, कुसमा, ललिता, आरती आदि महिलाएं अपने घरों से ही यह काम करती हैं। इससे उन्हें परिवार की देखभाल के साथ-साथ आय अर्जित करने का अवसर मिलता है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक सफल उदाहरण बन रहा है। समूह की महिलाएं एक-दूसरे का सहयोग करती हैं। वे मिलकर उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करती हैं।
रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह
यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना रही है। उन्हें किसी बाहरी नौकरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। घर बैठे काम करने से समय का बेहतर प्रबंधन होता है। इससे महिलाएं अपने परिवार और बच्चों पर भी ध्यान दे पाती हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।