बच्चों ने बताया कि उनकी मां 5 फरवरी सुबह करीब दस बजे कस्बा के एक विद्यालय में कक्षा आठ में पढ़ रहे बेटे देव के गलत नाम को सही कराने के लिए गईं थी। बेटा तो छुट्टी के बाद घर आ गया, लेकिन मां नहीं लौटी। देर शाम तक बच्चे मां से संपर्क करते रहे, हर बार मां घर आने की बात कहती रही। पति भूदेव ने भी उसको तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रात करीब आठ बजे फोन भी स्विच ऑफ हो गया तो बच्चे मां का इंतजार देखते-देखते सो गए। सुबह पुलिस के घर पहुंचने पर बच्चों को मां के मरने की जानकारी हुई तो वह फूट-फूट कर रोने लगे।
सीओ खैर वरुण कुमार सिंह ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। फोरेंसिक टीम द्वारा भी जांच पड़ताल की गई। पुलिस व एसओजी टीम मोबाइल ट्रेकिंग के आधार पर जांच पड़ताल में लगी हुई है। थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं आई है, संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है कई पहलुओं पर जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।