अतरौली के गांव नगला बंजारा में हुई मारपीट के मुकदमे में कार्रवाई न होने से आहत युवती सोमवार को विषैला पदार्थ खाकर एसएसपी दफ्तर पहुंच गई। जिससे पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल और बाद में जेएन मेडिकल कालेज ले जाया गया। जहां इलाज के बाद होश आने पर उसने पूरा वाकया बताया। इस पर एसएसपी ने पूरे मामले में सीओ अतरौली को जांच के निर्देश दिए हैं।
अतरौली के गांव नगला बंजारा निवासी रिंकी ने बताया कि 14 जनवरी को उसका पड़ोसी महिला से विवाद हुआ था। इस मामले में दी गई झगड़े की तहरीर पर पुलिस ने महिला सहित दो लोगों पर शांतिभंग में कार्रवाई की। आरोप है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। उसे घेर में बंधक बनाकर पीटा गया था। इसी की शिकायत करने वह एसएसपी दफ्तर आई थी और बाहर ही बैठे-बैठे उसने विषैला पदार्थ खा लिया। जब वह अचेत हुई तो बाहर ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी हरकत में आए।
आनन-फानन पुलिस जीप में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। एसएसपी ने मामले में पीआरओ से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। मेडिकल कालेज में होश आने पर रिंकी ने पूरा वाकया बताया। खबर पर उसके परिजन भी यहां पहुंच गए थे। एसएसपी मुनिराज जी के अनुसार प्रकरण में मुकदमा दर्ज है। चूंकि सात साल से कम सजा का मुकदमा है। इसलिए शांति भंग की कार्रवाई की गई है। फिर भी मौके पर सीओ अतरौली को भेजा है और विवेचक व थाना पुलिस की लापरवाही के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है जो भी रिपोर्ट मिलेगी। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।