क्षत्रिय महासभा के संरक्षक राजेश चौहान की ओर से अधिवक्ता सतीश कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन ने सदन में बाबर व राणा सांगा से जोड़कर विवादित बयान दिया। इससे समूचा क्षत्रिय समाज आहत है।
सपा के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन के विवादित बयान पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर याचिका पर 18 अप्रैल को सुनवाई हुई। गवाह के बयान अदालत में दर्ज कराए गए। अब अदालत ने मामले में 25 अप्रैल तारीख नियत की है, जिसमें अन्य साक्ष्य पेश करने का समय दिया गया है।
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यह याचिका अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक राजेश चौहान की ओर से अधिवक्ता सतीश कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन ने सदन में 21 मार्च को बाबर व राणा सांगा से जोड़कर विवादित बयान दिया। इससे समूचा क्षत्रिय समाज आहत है।
याचिका में सपा सांसद पर मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया। इसी क्रम में 18 अप्रैल को सुनवाई की नियत तारीख पर गवाह क्षत्रिय महासभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.शैलेंद्र पाल सिंह के बयान हुए। बयान दर्ज करने की प्रक्रिया के बाद अदालत ने अब साक्ष्य पेश करने के लिए अगली तारीख नियत कर दी है। इस मौके पर एडवोकेट सतीश कुमार सिंह, गोपाल सिंह राणा, विकास राजपूत, प्रमोद सिंह आदि थे।