पत्नी और उसके मायके वालों द्वारा लगातार आर्थिक स्थिति का मजाक उड़ाने और कंगाल-कंगाल कहकर चिड़ाने से आहत शुभम (33) ने बृहस्पतिवार को को जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को मृतक की मां बीना देवी की तहरीर पर पुलिस ने पत्नी करीना सहित मायके पक्ष के नौ लोगों पर केस दर्ज किया है।
थाना बन्ना देवी क्षेत्र के मोहल्ला चूहरपुर में रहने वाले शुभम की शादी 2024 में अलीगढ़ के ही मोहल्ला सराय मान सिंह में रहने वाली करीना से हुई थी। शुभम के चाचा तहसील कोल में अधिवक्ता हैं और शुभम का छोटा भाई तहसील में ही मुंशी का काम करता है। शादी के बाद से ही उसकी पत्नी करीना और उसके मायके वालों का व्यवहार शुभम के प्रति बेहद अपमानजनक था।
शुभम एक कारखाने में नौकरी करता था। आरोप है कि पत्नी करीना शुभम पर दबाव डालती थी कि उसके भाइयों को रोजगार करने के लिए पैसा दे। इसी के चलते शुभम ने एक बार तीन लाख रुपये भी दे दिए थे। इसके बाद भी पैसों की मांग नहीं रुकी। करीना शुभम की सहमति के बिना नोएडा जाकर नौकरी करने लगी। पत्नी को घर लाने के लिए शुभम ने कई बार प्रयास किए लेकिन पत्नी घर नहीं आई।
22 जुलाई को पता चला कि करीना अलीगढ़ में अपने मायके में है। शुभम उसको मनाकर घर लाने के लिए सराय मानसिंह पहुंचा। आरोप है कि यहां पर शुभम को अपमानित किया गया और उसके साथ मारपीट भी की गई। इस कारण शुभम अत्यधिक तनाव में आ गया। 23 जुलाई की सुबह उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।
सीओ द्वितीय धनंजय कुमार के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मृतक की माता बीना देवी की तहरीर पर थाना बन्नादेवी में पत्नी करीना, ससुर जगदीश, जितेंद्र, राजू, प्रेमलता, मिथिलेश, फूलवती उर्फ रजनी, सचिन और विनय के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, उत्पीड़न करने आदि के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है।
पत्नी को घर लाने के लिए न्यायालय की शरण ली थी
शुभम ने पत्नी को घर लाने के लिए अदालत में सेक्शन 9 के तहत केस भी किया था। इसकी सुनवाई चल रही थी। अदालत के साथ ही शुभम के प्रयास भी जारी थे कि पत्नी किसी तरह घर आ जाए और सब कुछ ठीक हो जाए लेकिन परिस्थितियां और उलझती चली गईं और शुभम ने जहर खाकर जान दे दी।