गांव कांडली निवासी धीरज शर्मा आठ जुलाई की शाम करीब छह बजे गोवर्धन की परिक्रमा लगाने चले गए। न घर पर बताया और न मोबाइल साथ ले गए। अनहोनी की आशंका से सशंकित पत्नी रेखा शर्मा ने अगली सुबह कोतवाली पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज करा दी। वहां से लौटने के बाद रात करीब आठ बजे छत पर पहुंची तो कमरे में पति को सोते देख अवाक रह गईं।
आवाज लगाकर परिजनों को छत पर बुलाया। जगाकर पति को गुमशुदगी दर्ज कराने की बात बताई। इसके बाद 10 जुलाई को दिन में कोतवाली पहुंचकर धीरज शर्मा पुलिस को बताया कि वह गोवर्धन की परिक्रमा लगाने चले गए थे। मध्यरात्रि करीब दो बजे लौटे थे। सभी परिजन सो रहे थे, इसलिए किसी को जगाकर बताने के बजाय पड़ोसी के दरवाजे पर बने टायलेट के जरिये अपने घर पर छत पर बने कमरे में पहुंच गए और थकान सो गए थे। पत्नी से अनबन के कारण दिन में जगने पर भी कमरे में ही चुपचाप लेटे रहे और दोबारा सो गए थे।
कोतवाल दिनेश सिसौदिया ने बताया कि गांव कांडली निवासी धीरज शर्मा की बच्चों को लेकर अपनी पत्नी रेखा शर्मा के साथ कुछ कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह अपना मोबाइल घर पर छोड़कर और बिना किसी को बताए गोवर्धन चले गए थे। अनहोनी की आशंका में उनकी पत्नी ने गुमशुदगी दर्ज करा दी थी, जिस पर पुलिस ने तलाश शुरू कर दी थी।
यह था पत्नी से कहासुनी का कारण
दंपती के चार साल की बेटी और आठ साल का बेटा है। दोनों को स्कूल से लेकर लौटते समय उन्होंने चाकलेट दिलवाई। अपनी चाकलेट खाने के बाद बेटी अपने भाई की भी चाकलेट खाने लगी। इस पर बेटे ने अपनी बहन को अपशब्द कह दिए। पिता ने बेटे को डांटा और थप्पड़ मार दिया। इस पर पत्नी ने यह कहते हुए विरोध किया तो दंपती के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे धीरज शर्मा घर से निकले और ई रिक्शा में बैठकर इगलास की ओर चले गए।