प्रेस से वार्ता करती रेहाना और साथ में उसके पिता।
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पति के घर से निकाली गई पीड़िता बुलंदशहर निवासी रेहाना ने शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें अपने प्रकरण में तस्वीर साफ की। रेहना ने कहा कि न तो वह अपना धर्म परिवर्तन कर रही है और न वह कहीं और जा रही है। वह सिर्फ अपनी ससुराल में जाना चाहती है।
जहां तक तलाक का सवाल है तो उसके पति ने उसके सामने तो कुछ नहीं कहा है लेकिन अन्य माध्यमों से ऐसा पता चला है। उसे उसकी ससुराल में घुसने नहीं दिया जा रहा है। उसने कहा कि अगर उसे उसकी ससुराल में जगह नहीं मिली तो वह पति के घर के सामने ही आत्मदाह कर लेगी।
रेहाना ने बताया कि मुसलिम समुदाय के हर जानकार का दरवाजा उसने खटखटाया लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली। बाद में विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी आदि संगठनों से उसे मदद मिली। इसीलिए वह उनकी सहायता से अपनी ससुराल जाना चाहती है। रेहाना पिछले डेढ़ साल में मायके में रह रही है। सन 2012 में उसकी शादी हुई थी।
उसके पास एक बच्ची भी है। रेहाना के पिता सगीर और मां जैतून का कहना है कि उनकी बेटी को तीन तलाक दे दिया गया है। विहिप की विभाग अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय ने बताया कि जब कोई इस पीड़िता का साथ देने आगे नहीं आया तो वह इस प्रकरण में रेहाना की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। इस मौके पर छात्र नेता सौरभ चौधरी, विहिप के राकेश कुमार, एके मिश्रा, सिद्धार्थ मोहन आदि मौजूद थे।
अखिल भारत हिंदू महासभा के बबलू शर्मा ने बताया कि तीन तलाक पीड़ित धौर्रा निवासी फायजा को उसके पति और उसके दोस्तों ने जान से मारने की धमकी दी है। इस संबंध में पुलिस को तहरीर दी गई है।
थाना क्वार्सी में दी गई तहरीर में कहा है कि धमकाते हुए कहा है कि उसके साथ जो लोग जुड़े हैं उनको भी देख लिया जाएगा। संगठन की पूजा शकुन पांडे ने कहा है कि धमकी मिलने के बाद भी वह अपनी सुरक्षा में स्वयं सक्षम हैं। ऐसे असमाजिक तत्वों से डरती नहीं हैं।