फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रांसपोर्टर समेत पत्नी की संदिग्ध हालत में मौत

विज्ञापन
दंपति की मौत के बाद घर के बाहर पहुंची पुलिस और इकट्ठे लोग। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
महानगर के सारसौल इलाके की साईं विहार कॉलोनी में साईं मंदिर के पीछे ट्रांसपोर्टर नेपाल सिंह (52) और उनकी पत्नी पुष्पा देवी (43) की बृहस्पतिवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पुलिस को ट्रांसपोर्टर का शव घर के आंगन में टट्टर से फंदे पर लटका मिला, जबकि पत्नी की लाश कमरे में पड़ी थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे आपसी कलह में आत्महत्या मानकर चल रही है।
विज्ञापन


मूल रूप से जवां के गांव साथा निवासी किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नेपाल सिंह ने करीब डेढ़ दशक पहले साईं मंदिर के पीछे मकान बनाकर परिवार सहित रहना शुरू किया और सारसौल में ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी शुरू कर दिया। पुलिस को पड़ोसी रिश्तेदार सत्यपाल सिंह से मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि दंपति के चार बच्चों में तीन बेटियां क्रमश: पूनम, मीनू व पूजा विवाहित हैं और उनकी शादियां गौतमबुद्ध नगर, गुड़गांव व झांसी में हुई हैं।  

उलझी है ट्रांसपोर्टर दंपति की मौत की वजह
जिस अंदाज में साईं विहार के ट्रांसपोर्टर दंपति के शव घर में मिले हैं, उसे देख कोई भी इस घटना को सुसाइड मान लेगा। मगर पुलिस यह स्पष्ट नहीं कह पा रही कि पत्नी ने सुसाइड ही किया है। इस सवाल का जवाब फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेगा। हां, पति ने जरूर सुसाइड किया होगा। ऐसा पुलिस कह रही है। रहा सवाल दंपति में कलह का तो इसका जवाब जानने के लिए पुलिस बेटे-बेटी व करीबी रिश्तेदारों के आने का इंतजार कर रही है। देर रात पंचनामा आदि की औपचारिकताएं पूरा करने का काम जरूर किया जा रहा था।
विज्ञापन

नेपाल सिंह व उनकी पत्नी पुष्पा देवी की मौत किस वक्त हुई होगी। इस सवाल का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मिलेगा। दरवाजा खोलने के बाद घर के अंदर का जो नजारा था, उसके अनुसार घर के आंगन में टट्टर लगा है। इस टट्टर के बगल में बाथरूम की छजली है। हो सकता है कि ट्रांसपोर्टर ने छजली के सहारे टट्टर से कपड़े का फंदा बांधा हो। इसके बाद खुद गले में बांधकर फांसी पर झूल गया होगा। मगर जिस तरह कमरे में महिला का शव मिला, यह कहना जल्दबाजी है कि उसने खुद कुछ खाया है या खाने में दिया गया है। या खाने या खिलाने से पहले विवाद घर में हुआ है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी कहते हैं कि सभी सवालों के जवाब फॉरेंसिक जांच व पोस्टमार्टम के बाद मिलेंगे।
ढाई साल से बाहर रह रहा बेटा
पड़ोसियों की मानें तो बेटियों की शादी के बाद एक बेटा ढाई साल से बाहर रह रहा है। कभी कभार आता है। खुद पत्नी गुड़गांव में थीं, इसलिए बेटे का वहां मिलना रहा होगा।
मोहल्ले, अस्पताल में लगी भीड़
इस खबर पर मोहल्ले में लोगों की भीड़ लग गई और बाद में जिला अस्पताल में भी काफी लोग पहुंच गए। उन्हीं लोगों की मदद से पुलिस ने पंचनामा आदि की प्रक्रिया पूरी कराई।
गुड़गांव से रवाना हुए बेटी-बेटे
इंस्पेक्टर के अनुसार दंपति के चारों बच्चों से उनकी बात हो गई हैं। गुड़गांव से बेटी व बेटा चल दिए हैं, जिनके सुबह तक आने की उम्मीद है। बाकी दोनों बेटियां भी दुपहर तक यहां पहुंच जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें