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मृतक आश्रित कोटा: पत्नी के जिंदा रहते देवर ले गया नौकरी, नियुक्ति निरस्त, एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

Thu, 06 Aug 2026 05:33 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मृतक की पत्नी ने शिकायत कर बताया कि वह जीवित हैं और मृतक आश्रित नियमों के तहत नियुक्ति पाने का पहला अधिकार उनका था। देवकर केतपाल सिंह ने गलत जानकारी और भ्रामक तथ्यों के आधार पर मृतक आश्रित कोटे की नौकरी हासिल कर ली।
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एफआईआर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल करने के लिए तथ्यों को छिपाने का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक कर्मचारी की पत्नी के जीवित होने के बावजूद उसके देवर ने खुद को आश्रित बताकर नौकरी प्राप्त कर ली। मामले में अलीगढ़ के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने पंचायत कर्मचारी की नियुक्ति निरस्त करने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

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जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह के अनुसार अकराबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत अकबरपुर निवासी पंचायत कर्मचारी वीरपाल सिंह का 29 अगस्त 2022 को निधन हो गया था। इसके बाद उनके छोटे भाई केतपाल सिंह ने खुद को मृतक का आश्रित बताते हुए पंचायत राज विभाग में मृतक आश्रित कोटे से सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली।

जांच में सामने आया कि नियुक्ति के समय केतपाल सिंह ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया था। वह पहले से ही प्राथमिक विद्यालय दिहौली में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत था। वहीं मृतक की पत्नी ने शिकायत कर बताया कि वह जीवित हैं और मृतक आश्रित नियमों के तहत नियुक्ति पाने का पहला अधिकार उनका था। शिकायत के बाद कराई गई जांच में मृतक की पत्नी के जीवित होने की पुष्टि हुई। जांच अधिकारियों ने पाया कि केतपाल सिंह ने गलत जानकारी और भ्रामक तथ्यों के आधार पर मृतक आश्रित कोटे की नौकरी हासिल की।

केतपाल सिंह की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।- सुभाष नेमा, जिला विकास अधिकारी

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