यहां का चौपट ट्रैफिक सिस्टम इसकी मुख्य वजह है। दरअसल, शहर के प्रमुख बाजारों की बात करें, तो रेलवे रोड, महावीरगंज, बड़ा बाजार, बारहद्वारी, देहलीगेट चौराहा, खैर रोड, रसलगंज, रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, समद रोड, मैरिस रोड आदि ऐसे प्रमुख बाजार हैं जहां हमेशा भीड़भाड़ रहती है। इनमें से किसी भी बाजार में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा, लोग सड़क किनारे ही अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इसके अलावा दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण कर रखा है। स्लैब आदि बनाकर, सड़क किनारे तक दुकानों का सामान रखा हुआ आसानी से देखा जा सकता है, जिस कारण शहर में जाम की समस्या होती है।
संकरी सड़कों पर अतिक्रमण के चलते वाहन आसानी से नहीं निकल पाते। इस बीच कोई चार पहिया वाहन आ जाए तो हालात ही बदल जाते हैं। बाजारों में काफी काफी दूर तक जाम लग जाता है। स्कूलों की छुट्टी और शाम के समय तो इन बाजारों की हालत बेहद खराब होती है। घंटों की मशक्कत के बाद बमुश्किल लोग अपने मुकाम तक पहुंच पाते हैं। ऐसा नहीं है कि जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों की ड्यूटी नहीं लगी होती। जहां तहां चौराहों पर पुलिस कर्मी नजर तो आते हैं, लेकिन जाम खुलवाने को लेकर उन्हें कोई सरोकार नहीं रहता।
ई-रिक्शा व ऑटो से लग रहा जाम
शहर में बिना परमिट ही दौड़ने वाले ई-रिक्शा व ऑटो जाम का कारण बन रहे हैं। जिससे राहगीरों व वाहन चालकों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की पैदल निकलना तक भी दूभर हो जाता है । इलाका पुलिस एवं जिम्मेदार अधिकारी जाम की समस्या से खूब वाकिफ हैं, फिर भी यहां हो रहे अतिक्रमण को हटवाने में कतई रूचि नहीं ले रहे हैं। जिससे लोग घंटों जाम में फंसकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को ही कोसते रहते हैं ।