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अलीगढ़ : प्रवीन बाजौता का मददगार कौन...विनोद या गोगी गैंग

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अभिषेक शर्मा
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अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड को सुपारी लेकर अंजाम देने वाले शूटर प्रवीन बाजौता व जितेंद्र उर्फ कंजा की सुनियोजित गिरफ्तारी किसने कराई? इस सवाल का जवाब तलाशने पर जिला पुलिस तेजी से काम कर रही है। अब तक के अंदेशे पर गौर करें तो इसमें भरतपुर के कुख्यात अपराधी विनोद पथैना के गैंग या दिल्ली के कुख्यात अपराधी जितेंद्र गोगी गैंग की भूमिका पर संदेह है। इसके साथ-साथ हरियाणा के एक सियासी रसूखदार को लेकर भी तमाम सवाल हैं। मगर इन सभी के जवाब प्रवीन के रिमांड पर आने के बाद ही मिल सकेंगे।
बीस लाख की सुपारी के बदले दस लाख एडवांस लेकर संदीप हत्याकांड को अंजाम देने वाले जिले के टॉप-10 सूची में शामिल पेशेवर शूटर प्रवीन बाजौता व उसके हाथरस जिले के सादाबाद बिसावर के जितेंद्र उर्फ कंजा को भरतपुर उद्योग नगर पुलिस ने अवैध हथियार में गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार रात हुई गिरफ्तारी की खबर पर शुक्रवार को जिला पुलिस की टीम प्रवीन से पूछताछ करने वहां गई, जहां उसने खुद, जितेंद्र व दिल्ली रोहिणी के अंगद उर्फ टोनी संग इस हत्या को अंजाम देना स्वीकारा है। मगर एकाएक इस गिरफ्तारी में सुनियोजित साजिश की बू आ रही है। इसे लेकर पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस तरह गिरफ्तारी में मदद किसने की है। इन सवालों को जवाब तलाशने में पुलिस को उसके तगड़े नेटवर्क के विषय में जानकारियां मिल रही हैं। अभी तक पुलिस उसके हरियाणा नेटवर्क पर ही काम कर रही थी। मगर अब भरतपुर के विनोद पथैना व दिल्ली के गोगी गैंग के नेटवर्क पर भी काम शुरू कर दिया है।
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ये हो सकती हैं दो मददगार वजह
पथैना को शरण देने के एहसान का बदला है क्या
- पहली वजह के अनुसार यह पता चल रहा है कि प्रवीन की भरतपुर के कुख्यात अपराधी अलीगढ़ जनपद से 50 हजार के इनामी रहे विनोद पथैना से दोस्ती है। आठ माह पहले आगरा से मुठभेड़ में गिरफ्तार होने के बाद वह इन दिनों भरतपुर की सेवर जेल में है। विनोद पथैना ने हाथरस के कुख्यात अपराधी विनोद जाट संग मिलकर जब गांधीपार्क शीशियापाड़ा के फर्नेेश कारोबारी सुरेंद्र जिंदल का अपहरण कर छह लाख रुपये फिरौती वसूली थी। उस समय पथैना को प्रवीन ने शरण दी थी। ये इनपुट उस समय पुलिस को मिले थे। अब बदले में पथैना ने अपने भरतपुर से जुड़े कनेक्शनों की मदद से प्रवीन व जितेंद्र की वहां गिरफ्तारी तो नहीं कराई।
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तो कहीं गोगी गैंग का अंगद गिरफ्तारी करा गया
- दूसरी वजह के अनुसार संदीप हत्याकांड में प्रवीन के साथ गाड़ी चलाने वाला तीसरा साथी दिल्ली रोहिणी का अंगद उर्फ टोनी था। वह अभी फरार है। हालांकि उसके विषय में पुलिस को ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। मगर अब तक की जानकारी के अनुसार टोनी दिल्ली से किसी बड़े अपराध को अंजाम देकर फरार था। तब से यहां प्रवीन के पास फरारी काट रहा था। वह दिल्ली के कुख्यात जितेंद्र गोगी गैंग का खास सदस्य है। चूंकि, प्रवीन दिल्ली में हथियारों की तस्करी में शामिल रहा है और वहां गिरफ्तारी भी हुई थी। इसलिए वह गोगी गैंग के बेहद करीब है। यह भी इनपुट हैं कि गोगी गैंग के दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों में अच्छे संबंध हैं। अंदेशा है कि उन्हीं संबंधों के दम पर फरार अंगद उर्फ टोनी यह सुनियोजित गिरफ्तारी कराकर खुद कहीं दूसरी जगह सेफ तो नहीं हो गया।
हरियाणा का सियासी कनेक्शन भी खड़ा कर रहा सवाल
इन दो वजहों के अलावा पुलिस के जेहन में एक और सवाल खड़ा हो रहा है। वह है प्रवीन बाजौता का हरियाणा का सियासी कनेक्शन। पुलिस जब उसकी तलाश में लगी थी तो यह तथ्य उजागर हुआ था कि वह हरियाणा में प्रदेश के एक सियासी रसूखदार की शरण में हो सकता है। हालांकि उस दिशा में काम किया। मगर कोई अहम जानकारी हासिल नहीं हुई। इसे लेकर भी पुलिस के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाथरस के सहपऊ से 25 हजार का इनामी है जितेंद्र कंजा
प्रवीन के साथ भरतपुर में गिरफ्तार हुआ जितेंद्र उर्फ कंजा हाथरस के सहपऊ थाने से 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी है। उसके विषय में मिली जानकारी के अनुसार उसने 24 मई 2021 को सहपऊ में 6 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। तभी से हाथरस पुलिस उसे तलाश रही है। हाथरस से मिले इनपुट के अनुसार वह हाथरस के ही कुख्यात विनोद जाट का बेहद करीबी है। विनोद जाट व पथैना गैंग द्वारा झांसी में व्यापारियों के अपहरण की घटना में वह विनोद जाट के साथ था और उसकी दिल्ली रोहिणी से सीबीआई ने गिरफ्तारी की थी। जेल से छूटकर आने के बाद वह लूट की घटनाओं में शामिल हो गया। वह हाथरस का हिस्ट्रीशीटर भी है।
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रिमांड पर आने के बाद मिलेंगे सभी सवालों के जवाब : पुलिस
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय बताते हैं कि सोमवार को न्यायालय खुलने पर प्रवीन बाजौता व जितेंद्र कंजा को तलब कराने के लिए बी वारंट के लिए आवेदन किया जाएगा। तारीख मिलने पर उसे यहां तलब कराया जाएगा। इसके बाद उसे रिमांड पर लेने की प्रक्रिया होगी। इसके बाद ही जितने भी सवाल खड़े हो रहे हैं, उन सभी के जवाब मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि बाकी हमारी टीमें अपने अपने स्तर से सभी सवालों के जवाब तलाशने में काम कर रही हैं।
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