कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान भारतीय यात्रियों के संबंध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के प्रोफेसर और शोधार्थियों द्वारा किए गए शोध को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने प्रकाशन में स्थान दिया है। इस अध्ययन में नियोजित व्यवहार के सिद्धांत का उपयोग करके भारतीय यात्रियों के कोरोना वायरस की अवधि में यात्रा करने की व्यावहारिक योजनाओं की जांच की गई है। इस अध्ययन का प्राथमिक महत्व कोविड-19 के संदर्भ में अनुमानित जोखिम को शामिल करके नियोजित व्यवहार के सिद्धांत का परीक्षण करना है।
इस अध्ययन को एएमयू के कॉमर्स विभाग में मास्टर आफ़ टूरिज्म एंड ट्रैवेल मैनेजमेंट कोर्स की को-आर्डिनेटर प्रोफेसर शीबा हामिद और उनके शोधार्थियों सुजूद तथा नसीम बनो द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन कोविड-19 संक्रमण पर नवीनतम अंतरराष्ट्रीय बहुभाषी वैज्ञानिक तथ्य एवं ज्ञान एकत्रित कर रहा है तथा यह डेटाबेस कोविड-19 पर वर्तमान वैश्विक साहित्य के व्यापक बहुभाषी स्रोत का प्रतिनिधित्व करता है। प्रोफेसर शीबा हामिद कहती हैं कि यह अध्ययन यात्रियों, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उद्योग, सरकार विमानन उद्योग व अन्य संबंधित संगठनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि यह पेपर यात्री के व्यवहार संबंधी इरादों के बारे में नए अपडेट और आवश्यक जानकारी प्रदान करता है।