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लाल निशान किसने लगाए पता नहीं.. एटा चुंगी इलाका दहशत में

Mon, 14 Jan 2019 01:59 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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लगाये गये निशान को दिखाती महिला। - फोटो : Dig Vishal
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संकरी हो चुकी शहर की प्रमुख सड़कों को फिर से चौड़ा करने के लिए चलाया जा रहा जिला प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है। शनिवार को एटा चुंगी बाईपास रोड पर कुछ लोगों ने सड़क से 30 और 50 फुट गहरे निशान लगा कर सनसनी मचा दी है। रविवार रात तक प्रशासन को भी पता नहीं था कि ये निशान किसने और कब लगाए हैं..? जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने गत दिनों स्पष्ट किया था कि अब अतिक्रमण अभियान में चिन्हांकन का काम केवल उप नगर आयुक्त एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम रंजीत सिंह ही करेंगे। रंजीत सिंह ने कहा कि एटा चुंगी में उन्होंने कोई निशान नहीं लगवाए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि इस पूरे इलाके में किसने और क्यों निशान लगाए हैं..? 
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एटा चुंगी चौराहे से बाईपास की ओर सड़क से 30 फुट पर निशान लगाए हैं। यह चिन्हांकन आगे जाकर 50 फुट तक हो गया है। फिलहाल एटा चुंगी बाईपास की गली नंबर छह तक चिन्हांकन किया है। रोड का चौड़ीकरण करने के लिए केवल एक साइड ही चिन्हांकन करने से लोगों में नाराजगी भी है। इस दौरान चौराहे पर स्थित एक बिल्डिंग स्वामी की ओर से लगाया गया बैनर काफी चर्चा में रहा। उन्होंने अपनी बिल्डिंग को बचाने के लिए कोर्ट का स्टे आर्डर अपनी बिल्डिंग के चारों ओर लगा रखा है। 

सफेद बैनर रहा चर्चाओं में 
प्रशासन के चिन्हांकन के बाद चौराहे स्थित एक भवन स्वामी ने अपनी प्रापर्टी के चारों ओर वर्ष 2003 में हुए कोर्ट के आदेश के अनुसार बैनर लगवा दिया। भवन स्वामी मुकेश कुमार ने बताया कि 1984 में उनके पिताजी ने हाईकोर्ट में एक रिट दायर की थी। जिस पर 2003 में आदेश में आया, जो हमारे पक्ष में था। हमने वही आदेश बैनर पर लिखवा कर लगवा दिया है। हमें प्रशासन की कार्रवाई से कोई एतराज नहीं है, लेकिन उनकी तरफ से कोई नोटिस भी नहीं मिला है। इस संबंध में जिलाधिकारी को भी आदेश की कापी भेज दी गई है। अगर फिर भी प्रशासन कार्रवाई करेगा तो वह कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज करने की तरह है। 
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हमने 1972 में यह प्लाट खरीदा था। उसके बाद यहां अतिक्रमण प्लान आया तो हमने कोर्ट की शरण ली। 1992 में कोर्ट का स्टे हमारे पास है। शनिवार को यहां चिन्हांकन किया गया है। पूछने पर बताया भी नहीं गया। न ही कोई नोटिस दिया गया। मेरी जमीन पर बने मंदिर पर चिन्हांकन किया है। 
-नीलम शर्मा, स्थानीय निवासी
 
वर्ष 2012 में मैंने यहां दुकान किराए पर ली थी। इसी से गुजर बसर चलती है। शनिवार को कुछ लोग यहां आए और कहने लगे कि यह दुकान टूटेगी। पूछने पर कुछ नहीं बताया और चिन्हांकन करके चले गए। हमें प्रशासन की ओर से भी कोई नोटिस नहीं दिया गया है। यह कार्रवाई मनमानी हो रही है।
-प्रशांत कुमार, स्थानीय दुकानदार

हमें प्रशासन से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन चिन्हांकन जो हुआ है वह गलत तरीके से हुआ है। आगे 30 फुट पर हुआ है और मेरे घर के पास 50 फुट पर। प्रशासन ने कोई नोटिस भी नहीं दिया। हम किसी सरकारी काम में बाधा नहीं बनना चाहते, लेकिन जमीन जाने का कुछ मुआवजा तो मिलना चाहिए।
-मनोहर लाल, स्थानीय निवासी

सहायक नगर आयुक्त बोले, कड़ी कार्रवाई होगी
सहायक नगर आयुक्त से एटा चुंगी इलाके में लगाए गए निशान के बाबत पूछने पर उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही नगर निगम का कोई भी कर्मचारी एटा चुंगी क्षेत्र में गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें भी एटा चुंगी क्षेत्र में निशान लगने की सूचना मिली है, लेकिन निशान किसने लगाए, इस बाबत कोई जानकारी नहीं मिली है। 

खुद ही तोड़ रहे अवैध निर्माण
सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड, दोदपुर, मेडिकल रोड एवं रसलगंज में चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद प्रशासन का महाबली सुस्ता रहा है। रसलगंज में अभी भी खुद ही लोग बढ़ा हुआ निर्माण हटा रहे हैं। प्रशासन एवं नगर निगम इस पर पैनी नजरें रख रहा है। रविवार को सहायक नगर आयुक्त एवं एसीएम प्रथम रंजीत सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने रसलगंज एवं बारहद्वारी क्षेत्र का दौरा कर स्वत: हटाए जा रहे अतिक्रमण की स्थिति परखी। 

शरारती तत्व निशान लगा कर धमका कर, कर रहे कमाई
तेरा मकान अथवा दुकान जरूर टूटेगा। नगर निगम जल्द ही कार्रवाई करेगा और तू कुछ नहीं कर पाएगा। ऐसे जुमले महानगर के बाजारों में अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद से लगातार गूंज रहे हैं। अब तो शरारती तत्वों ने सभी हदें पार करते हुए नगर निगम की तर्ज पर लाल निशान लगाकर दहशत फैलाना शुरू कर दिया है। ये लोग कार्रवाई से बचाने के नाम पर मोटी कमाई भी कर रहे हैं। सहायक नगर आयुक्त ने स्वीकार किया कि उन्हें भी ऐसी कई शिकायतें मिली हैं। ठोस सबूत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा कर रहा है तो इसकी शिकायत तत्काल जिला प्रशासन अथवा नगर निगम से करें।
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