सूबे के मुख्य सचिव दीपक सिंघल-डीजीपी जावीद अहमद मंगलवार को जिले के दौरे पर आए। इस दौरान गांव से लेकर शहर तक उन्होंने विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत जानने के लिए सीधे जनता से संवाद किया। कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर सीडीओ से लेकर बीडीओ तक के अधिकारियों को जमकर डपटा। अकराबाद में कागजों में नहर की सफाई की शिकायत पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को रात भर नाले पर खड़ा रखने तथा बर्खास्त करने तक की चेतावनी दी।
विद्युत विभाग के एसडीओ तथा दो अवर अभियंता को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। नगर निगम, एडीए और स्वास्थ्य अधिकारी भी उनके निशाने पर रहे। गांवों में 14 घंटे विद्युत आपूर्ति की भी उन्होंने जनता से सत्यापित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने अन्य लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई के भी संकेत दिए। वहीं अच्छा कार्य करने पर एसओ अकराबाद, सीएचसी प्रभारी अकराबाद व नानऊ प्राथमिक विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्या को अपनी ओर से प्रशस्ति पत्र भेजे जाने की भी घोषणा की।
सुबह साढ़े दस बजे विशेष विमान से प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा एके सिंह, प्रमुख सचिव शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुभाष चंद शर्मा के साथ धनीपुर हवाईपट्टी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने अगवानी की औपचारिकताओं के बाद सबसे पहले शहर में गंदगी व जलभराव के लिए नगर आयुक्त को और रामघाट रोड के डिवाइडर के निर्माण की धीमी गति के लिए एडीए वीसी को तलब कर लिया। दोनों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि अलीगढ़ आने से पहले उन तक यह दो समस्याएं लखनऊ पहुंची हैं।
इन्हें जल्द दूर करा दें। वरना समझ लें कि वह क्या कर सकते हैं। इसी बीच उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारी को भी कुछ खराब सड़कों का जिक्र कर उन्हें दुरुस्त कराने की बात कही। इसके बाद वह सीधे अकराबाद थाने पहुंचे। जहां उन्होंने एसओ अमित कुमार से समस्याओं पर चर्चा की। थाने का मुआयना करने के बाद वहां पब्लिक से भी बात की और एसओ की पीठ ठोंकते हुए बगल में सीएचसी पहुंच गए। वहां प्रभारी डॉक्टर विपिन कुमार से वार्ता की और पब्लिक से जानकारी ली।
यहां भी डॉक्टर की कार्यशैली से बेहद संतुष्ट नजर आए और शाबाशी दी। वापसी में नानऊ बेसिक स्कूल में कार्यवाहक प्रधानाचार्या रजिया सुल्तान से सवाल-जवाब किए और बच्चों से भी सवाल-जवाब किए। यहां भी संतुष्टि जताई। बाद में सीधे कोल तहसील, फिर थाना बन्नादेवी और आखिरी में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
अकराबाद थाने में पब्लिक से बातचीत में इलाके में बिजली 5-6 घंटे मिलने, कागजों में नहर की सफाई होने और आज गांव के गांव जलमगभन होने की बात सुन वह भड़क गए। मौके पर एक्सईएन सिंचाई को इस कदर हड़काया कि पहले उन्हें नाले पर रात भर रखने और फिर बर्खास्त करने तक की चेतावनी देते हुए सीडीओ को तत्काल मनरेगा से काम कराने के निर्देश दिए। वहीं मनरेगा में भुगतान न मिलने की शिकायत पर बीडीओ को भी खूब डांटा और निलंबन की चेतावनी दी।
आंगनबाड़ी केंद्रों के न खुलने की शिकायत पर भी सीडीओ को डांटा और सवाल किया कि आखिर कब से तुमने दौरा नहीं किया। आगे से अधिकारी दौरा रजिस्टर में इंद्राज करेंगे। नानऊ नहर पर बंधा लगा होने व पोखर पर कब्जे की शिकायत पर भी एसडीएम कोल व एक्सईएन सिंचाई को फटकार लगाई। यहां भी एक्सईएन को नाले में डालने तक की धमकी दी। कुछ स्कूलों के बंद रहने की शिकायत पर बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूछा तो बताया कि जिले के 100 स्कूलों में जलभराव धरातल नीचा होने के कारण है, वही बंद हैं। दो दिन पहले ही रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी है। उन्हें निर्देशित किया कि वह जल्द काम कराएं और फिर दुपहर 1 बजे तक प्रत्येक स्कूल खुला होने का प्रमाण पत्र दें।
वहीं विद्युत अधिकारियों को हिदायत दी कि वह गांवों में 14 घंटे बिजली सप्लाई का प्रमाण पत्र जेई के इलाके वार दस-दस लोगों की गवाही व मोबाइल नंबर सहित देंगे। शहर में बन्नादेवी थाने व कलेक्ट्रेट की पब्लिक मीटिंग में भी जलभराव, पेंशन योजनाओं का लाभ न मिलने की शिकायत पर समाज कल्याण अधिकारी, सीडीओ व एमएनए को सख्त हिदायत दी। रोड जाम की शिकायत पर एमएनए (मुख्य नगर आयुक्त) व एडीए वीसी से सामंजस्य बनाकर तत्काल डिवाइडर बनवाने और कार्य दिन रात कराने के निर्देश दिए। वहीं एसडीओ एन प्रकाश व जेई अंशुल शर्मा और वीनेश मलिक की अधिक शिकायतें मिलने पर इनके तबादले के आदेश एमडी को दिए और यहां तक कहा कि आज ही यह ट्रांसफर हो जाएं। अंत में जाते-जाते वह हवाईपट्टी पर डीएम, डीआईजी, एसएसपी की पीठ ठोंकते हुए कहकर गए कि जिन पर कार्रवाई होनी है, उनकी सूचना बुधवार को आपको मिल जाएगी।
शराब माफिया को राजनीतिक संरक्षण नहीं : मुख्य सचिव
अलीगढ़। एटा में जहरीली शराब से 40 लोगों की मौत के मामले में दोषियों पर कार्रवाई के सवाल पर मुख्य सचिव दीपक सिंघल का कहना था कि यह कहना गलत है कि एटा मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई हुई है। जिला आबकारी अधिकारी पर कार्रवाई हुई है। सर्किल आफिसर पर कार्रवाई हुई है। ये नहीं है कि खाली इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई है। जो गड़बड़ी कर रहे थे उनसे एक स्तर ऊपर वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे तो नीचे के अपने आप सुधर जाएंगे। जहरीली शराब प्रकरण में राजनीतिक संरक्षण से जुड़े तथ्य हमारे सामने नहीं आए हैं। शराब माफिया को जड़ से उखाड़ा जाएगा।