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कोरोना ने सताया तो लखटकिया लंकेश 25 हजार में आया

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रावण का पुतला बनाते कारीगर उस्मान, राजू और नदीम। - फोटो : CITY OFFICE
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राजा तिवारी
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कोरोना संक्रमण काल ने दुनिया को इतना सताया है कि इसका व्यापक प्रभाव विभिन्न आयोजनों पर भी पड़ा है। एक ओर जहां रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है। वहीं लाखों रुपये में बनने वाला रावण इस बार 25 हजार रुपये में बन रहा है। 15 मजदूर जहां 60 से 65 फीट के रावण-कुंभकरण-मेघनाथ बनाते थे। इस बार 25 फीट का केवल रावण का पुतला तैयार हो रहा है।
श्री रामलीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष विमल अग्रवाल ने बताया कि दशहरा पर रामलीला मैदान में सूक्ष्म रूप से रावण के पुतले का दहन करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में लॉ कमीशन के चेयरमैन आदित्यनाथ मित्तल को आमंत्रित किया गया है। इस दिन मां काली का स्वरूप भी निकलेगा। यहां राम,लक्ष्मण, हनुमान, रावण सांकेतिक रूप से मंचन भी करेंगे। इसके बाद धूमधाम से रावण का दहन किया जाएगा। अमर उजाला ने मंगलवार को जब रावण के पुतले को लेकर बातचीत की तो पता चला कि इस बार 60 फीट की जगह 25 फीट के रावण का दहन होगा। रावण का पुतला बना रहे कारीगर मो. उस्मान ने बताया कि भाई सुलेमान और पिता अल्लादीन के साथ मिलकर यह पुतला बना रहे हैं। यह पुतला वह 25 हजार रुपये में तैयार कर रहे हैं। ऐसे में जहां पिछले साल तकरीबन दो लाख रुपये में पुतले बने थे। इस बार अकेला रावण का पुतला सिर्फ 25 हजार रुपये में बन रहा है।
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लाखों रुपये में कई मजदूरों को मिलता था काम
मोहम्मद उस्मान ने बताया कि वह दिल्ली के पंजाबी बाग, रानी बाग, सैनिक विहार, आदर्श नगर, जहांगीरपुरी में, राजस्थान में बड़े-बड़े पुतले बनाते थे। दो लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक के ठेके लिया करते थे। जिसमें वह 15 कारीगरों को 300-300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बुलाया करते थे। वहीं खाना बनाने के लिए दो महिलाओं को भी दिहाड़ी देते थे, लेकिन इस बार कामधंधा नहीं है। इसीलिए दोनों भाई पिता के साथ मिलकर पुतला बना रहे हैं।
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