जिले में गेहूं की कटाई 20 मार्च के बाद शुरू होगी। रबी की अन्य फसलों की कटाई शुरू हो गई है, लेकिन गेहूं में देरी हो रही है। मौसम में बदलाव के कारण गेहूं पकने में 10-15 दिन की देरी हो गई है। इससे प्रति हेक्टेयर लगभग एक क्विंटल उपज कम होने की आशंका जाहिर की जा रही है।
जिले में लगभग दो लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। अगैती फसल की बुवाई 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक होती है। 1.20 लाख किसानों ने अगैती फसल की है। 80 हजार किसानों ने पिछैती की फसल बोई है। जनवरी व फरवरी माह में पारा ऊपर चढ़ने से कृषि वैज्ञानिकों ने पिछैती के फसल में पैदावार कम होने की आशंका जाहिर की है। मौसम में बदलाव के कारण गेहूं के फसल की कटाई में देरी हुई है। प्रदेश सरकार ने 17 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू करने की घोषणा की है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं की कटाई 20 मार्च के बाद शुरू होगी। किसानों को पराली का सही तरीके से निस्तारण करना होगा। जिससे पर्यावरण और भूमि की उर्वरा शक्ति को क्षति न हो।