यह क्या कह गए राज्यपाल... ‘आतंकी साहसी होते हैं’
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धर्म समाज कालेज में मंगलवार को नव निर्मित भवन के लोकार्पण समारोह के बाद सभागार में हुए कार्यक्रम में संबोधन के दौरान राज्यपाल राम नाईक भारत की युवा शक्ति और युवा ऊर्जा का जिक्र करने लगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकी भी युवा होते हैं, पढ़े-लिखे होते हैं, साहसी भी होते हैं। उनकी यह बात सुनकर दर्शक दीर्घा में सुगबुगाहट होने लगी कि सैकड़ों बेगुनाहों की हत्या करने वाले साहसी कैसे हो सकते हैं?
दरअसल राज्यपाल ने युवाओं का जिक्र भारत की युवा आबादी के साथ शुरू किया। उन्होंने कहा कि इस समय भारत की सबसे अधिक आबादी युवा आबादी है। सन 2025 में भारत की 70 फीसदी आबादी युवा होगी। यह युवा आबादी किसी भी देश की संपदा होती है। जिस प्रकार एक कुशल व्यापारी अपने पास उपलब्ध पूंजी का चतुराई के साथ उपयोग कर उसे और बढ़ाता है, उसी प्रकार देश को भी युवा ऊर्जा का उपयोग अपने विकास के लिए करना चाहिए।
यह तभी संभव है, जब युवाओं को सही दिशा मिले। यह कार्य शिक्षक और समाज कर सकता है। अगर इस युवा संपदा का सही उपयोग नहीं किया तो यह बेकार हो सकती है और कभी-कभी भटक भी सकती है। इसका उदाहरण आतंकवादी हैं। यह युवा होते हैं।
पढ़े लिखे भी होते हैं। साथ ही साहसी भी होते हैं। लेकिन उनकी दिशा गलत होती है। इसी ऊर्जा को अगर सही दिशा मिल जाए, तो वह देश के काम आ सकती है। इतना सुनते ही दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों के बीच कानाफूसी होने लगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी राज्यपाल के विवादित बोल को लेकर लोगों के बीच चर्चा होती रही।