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मोटिवेटर बने राज्यपाल, छात्रों को दिए सफलता के चार मंत्र

Wed, 13 Sep 2017 01:39 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
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मोटिवेटर बने राज्यपाल, छात्रों को दिए सफलता के चार मंत्र - फोटो : Dig Vishal
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राज्यपाल राम नाईक ने जब सभागार में छात्र-छात्राओं के समूह को देखा तो वह ‘मोटिवेटर एजूकेटर’ (सकारात्मक शक्ति बढ़ाने वाला शिक्षक) की भूमिका में नजर आए। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के चार टिप्स दिए। साथ ही कहा कि उन्होंने 1954 में पुणे के कालेज से बीकाम किया था। बीकाम के छात्र से राज्यपाल बनने तक का सफर इन चार सूत्रों के बिना संभव नहीं था। राज्यपाल ने कहा कि उनके एक शिक्षक थे। वे एक दिन बोले कि मैंने अब तक जो तुम्हें एकाउंटेंसी, आर्थिक गणनाएं और अन्य कुछ पढ़ाया है, उसे बाजू रख दो। उन्हीं शिक्षक ने वे चार सूत्र बताए थे, जो मैं अब आपको बता रहा हूं।
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1- स्माइल यानी मुस्कुराहट 
मुस्कुराहट में वह सम्मोहन है, जो अजनबियों से भी नाता जोड़ देती है। एक प्रसन्नचित व्यक्ति सभी को अच्छा लगता है। ऐसा प्रदर्शित न करें कि दुनिया भर का तनाव और चिंताएं आप ही के पास हैं। आप की अधिकांश समस्याओं का समाधान आपकी मुस्कुराहट है। इसमें कुछ भी खर्च नहीं होता, जबकि परिणाम बेहद कारगर होते हैं। 

2- एप्रिसिएशन यानी दूसरे के अच्छे कार्य की प्रशंसा 
अपने से बड़े, छोटे, हम उम्र किसी भी व्यक्ति की अगर आप अच्छा कार्य करने पर प्रशंसा करते हैं, तो उससे उस व्यक्ति का नाता आपके साथ और गहरा हो जाता है। उसकी ऊर्जा आपके लिए कार्य करने में लग जाती है।
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3- डू नॉट डेनिग्रेेट यानी यानी किसी को भी नीचा न दिखाएं 
अगर आप दूसरों की क्षमताओं को कमतर आंकते हैं और खुद को बेहतर, तो इससे अहंकार का जन्म होता है। अहंकार सफलता के रास्ते में स्पीड ब्रेकर की तरह है। अगर स्पीड ब्रेकर पर ठीक से नहीं गुजरा जाए, तो हादसा होने की आशंका रहती है। 

4- डू बेटर फॉर मोर बेटरमेंट यानी जो अच्छा है उसे और अच्छा बनाएं 
किसी मुकाम पर पहुंचकर ठहर जाने को अच्छी स्थिति नहीं कहा जा सकता है। जो बैठा है, उसका भाग्य भी बैठ जाता है। जो सो रहा है, उसका भाग्य भी सो जाता है। जो खड़ा है, उसका भाग्य भी खड़ा हो जाता है। 
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