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Maize: गीली मक्का भी बिक रही हाथों-हाथ, एथनॉल और बियर के लिए जा रही गुजरात-पंजाब और हरियाणा

Mon, 29 Jun 2026 12:51 PM IST
Chaman Kumar Sharma आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

एथनाॅल प्लांट घाटा गुजरात, बियर प्लांट बठिंडा पंजाब, बियर प्लांट मुज्जफरनगर यूपी, बियर प्लांट जुंडला हरियाणा और छाता यूपी के लिए अलीगढ़ से मक्का खरीदी जा रही है। स्थानीय आढ़ती गुजरात, पंजाब और हरियाणा तक इसकी आपूर्ति कर रहे हैं।
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गीली मक्का में नमी जांचता यंत्र, मंडी में मक्का - फोटो : संवाद
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विस्तार
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इस वर्ष 30 से 40 फीसदी तक नमी वाली मक्का भी हाथों-हाथ बिक रही है। गुजरात में एथनॉल बनाने वाली कंपनियां इसकी खरीद कर रही हैं। इसके अलावा पंजाब और हरियाणा में बियर बनाने वाली बड़ी इकाइयों में भी इसकी आपूर्ति हो रही है, जिससे किसानों की यह चिंता दूर हो चुकी है कि गीली मक्का किसी भाव नहीं बिकेगी।

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सूखी मक्का दालमोठ, पॉपकार्न, बेसन, नमकीन और मल्टीग्रेन आटा बनाने के लिए खरीदी जा रही है। धनीपुर मंडी में इन दिनों रोजाना 15 हजार क्विंटल मक्का पहुंच रही है, जिसमें आधी से अधिक केवल उक्त कंपनियों के लिए खरीदी जा रही है।

एथनाॅल प्लांट घाटा गुजरात, बियर प्लांट बठिंडा पंजाब, बियर प्लांट मुज्जफरनगर यूपी, बियर प्लांट जुंडला हरियाणा और छाता यूपी के लिए अलीगढ़ से मक्का खरीदी जा रही है। स्थानीय आढ़ती गुजरात, पंजाब और हरियाणा तक इसकी आपूर्ति कर रहे हैं। बेसन, मल्टीग्रेन आटा और नमकीन बनाने वाली स्थानीय कंपनियां भी सूखी मक्का खरीद रही हैं।

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अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज से यह खरीदारी हो रही है। बीते वर्ष 2025 में इन कंपनियों की खरीदारी बहुत कम थी, लेकिन इस वर्ष यह बहुत तेजी से बढ़ी है। अलीगढ़ मंडल में जायद के सीजन में 1,02,410 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मक्का बोई गई थी, जो तयशुदा लक्ष्य से 35 फीसदी तक ज्यादा है। मंडल में लगभग 68 लाख 61 हजार 470 क्विंटल मक्का का बंपर उत्पादन हुआ है। जायद के सीजन में फसलों की क्रॉप कटिंग नहीं होती है, इसलिए कृषि विभाग की ओर से उत्पादन का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
इस वर्ष गीली मक्का गुजरात के एथनॉल प्लांट के लिए खरीदी जा रही है। सिकंदराराऊ के एक प्लांट के लिए भी खरीदारी हुई है। यूपी, पंजाब और हरियाणा के बियर प्लांट वाले भी 30 से 40 फीसदी तक नमी वाली मक्का खरीद रहे हैं।-योगेेंद्रपाल सिंह लालू, प्रमुख आढ़ती।
गीली मक्का बड़ी मात्रा में एथनॉल और बियर प्लांट के लिए खरीदी जा रही है, जबकि सूखी नमकीन बनाने वाली कंपनियां खरीद रही हैं। बेसन और मल्टीग्रेन आटा बनाने वाली कंपनियां भी सूखी मक्का ले रही है, जिससे मांग बढ़ी है।-विक्की गुप्ता, महामंत्री प्रथम गल्ला व्यापारी एवं किसान कल्याण समिति।
औसतन 65 से 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन आता है। जायद की फसलों की कटिंग कर उत्पादन की गणना नहीं की जाती है, इसलिए सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। गीली मक्का की खरीद हो रही है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।-श्रवण कुमार, संयुक्त कृषि आयुक्त।
न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये क्विंटल है। 7500 क्विंटल की खरीद का लक्ष्य है। इसमें 2013 क्विंटल की खरीद हो चुकी है। नमी ज्यादा होने के कारण कई किसानों की मक्का नहीं खरीदी जा सकी है।-मोनिका माहेश्वरी, विपणन अधिकारी।
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मंडल में बंपर फसल
अलीगढ़ 20380
हाथरस 17105
एटा 37660
कासगंज 27265
मंडल का योग : 102410 हेक्टेयर।

मक्का की नमी और भाव
  • 40 फीसदी नमी 1150 से 1200 प्रति क्विंटल
  • 30 फीसदी नमी 1500 से 1600 प्रति क्विंटल
  • 20 फीसदी नमी 1700 से 1900 प्रति क्विंटल
  • 10 फीसदी नमी 2000 से 2021 प्रति क्विंटल
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