डॉ. प्रदीप बंसल ने कहा कि जो मोटापे से परेशान हैं, वह टीवी पर बताए जाने वाले दवाओं को सेवन करते हैं, जिससे उनका वजन कम होने के बजाय स्वास्थ्य खराब हो जाता है। दवाओं से मोटापा खत्म नहीं होता है।
80 किलो का व्यक्ति अगर सक्रिय है तो उसे मोटापा नहीं कह सकते : प्रो. रूबी
मोटापे की जांच करने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के तिब्बिया कॉलेज में खास तौर से कैंप लगाया गया है। इसमें यह आकलन किया गया कि आज के समय में मोटापे की परिभाषा में क्या शामिल हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति 80 किलो का है और अपनी सभी गतिविधियां सक्रियता के साथ कर रहा है तो उसे मोटापे की परिभाषा में सीमित नहीं किया जा सकता है।
शिविर में 250 से अधिक लोग आए, जिन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। जूनियर रेजिडेंट ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली पर मार्गदर्शन किया। एएमयू के यूनानी चिकित्सा संकाय के तहफ्फुजी वा समाजी तिब (निवारक एवं सामाजिक चिकित्सा) विभाग ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए जनजातीय आयुष जागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर में विभाग की अध्यक्ष प्रो. रूबी अंजुम, डॉ. हशमत उस्मानी, डॉ. अम्मार इब्ने अनवर आदि मौजूद रहे।