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#KabTakNirbhaya: स्वच्छता और इज्जत घर नहीं, महिलाओं की सुरक्षा चाहिए

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हैदराबाद की हैवानियत पर युवतियों व महिलाओं के जहन में उठी विरोध के स्वर की चिंगारी अभी बुझने का नाम नहीं ले रही है। हैवानियत पर उबाल की झलकी बुधवार को मडराक स्थित जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान में # कब तक निर्भया अमर उजाला अपराजिता के तहत आयोजित फोकस ग्रुप में डीएलएड प्रशिक्षु व प्रवक्ताओं में दिखी। यहां प्रशिक्षुओं ने कहा कि सरकार से हमें इज्जत घर, स्वच्छता जैसे अभियान नहीं चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा का अभियान ही हमको समानता का अधिकार दिलाएगा।
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प्रवक्ता गरिमा रानी ने कहा कि छोटे-छोटे प्रकरण तो राजनीतिक दबाव या बड़ी हस्तियों की सिफारिशों पर दबा दिए जाते हैं। यही वजह है कि ऐसे हादसे बढ़ते जा रहे हैं। प्रवक्ता साधना बघेल ने कहा कि अरब देशों जैसे कड़े कानून बनने चाहिए।
प्रवक्ता आयशा परवीन ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे को बदलकर बेटा पढ़ाओ बेटा सुधारो मुहिम चलाई जाए। डीएलएड प्रशिक्षु वंदना गौड़ ने कहा कि ऐसे कानून बनाए जाएं, जिसमें जल्द से जल्द फैसला हो। आरती वर्मा ने कहा कि लड़कों में संस्कार और खौफ डालने की बहुत जरूरत है। सूफिया खातून ने कहा कि पीड़िता का फोटो और नाम सोशल मीडिया पर ट्रोल नहीं किया जाना चाहिए। निर्भया, कठुआ और उन्नाव जैसे प्रकरण सुनकर गुस्सा आता है। पूर्णिमा सारस्वत ने कहा कि पीड़िता तथा उसके परिवार को समाज हीन भावना से देखता है। जैसे उसकी ही गलती हो, लेकिन छोटी बच्चियों का क्या दोष है। इसका जवाब किसी के पास नहीं होगा।
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रीमा यादव ने कहा कि दुष्कर्म के आरोपियों को तो जिंदा जला देना चाहिए। नीलम यादव ने कहा कि मंदिर, मस्जिद के अलावा बेटियों की सुरक्षा ही बड़ा मुद्दा है। रिया यादव ने कहा कि लड़कियों को सुरक्षा के गुर सीखने चाहिए। क्योंकि जो करना है अब तो खुद ही करना है। साक्षी जैन ने कहा कि नजर का इलाज संभव है, नजरिये का नहीं है। कनीज फातिमा खान ने कहा कि दोषियों का चेहरा सामने नहीं आता और वह फोर्स के साथ अलग से ले जाया जाता है। नीलम रानी ने कहा कि घटना के बाद पीड़िता व परिवार को और परेशान किया जाता है।
राधा देवी ने कहा कि अगर हैदराबाद वाली पशु चिकित्सक की बेटी किसी पीएम, सीएम या भारत सरकार के उच्च पदस्थ वाले व्यक्ति की होती तो अब तक अनुच्छेद ही बदल दिया गया होता, लेकिन अफसोस यह किसी आम आदमी की बेटी है। कीर्ति नंदिनी गौड़ ने कहा कि न्यायपालिका के निर्णय देरी से आते हैं। ऐसे में कैसे लड़कों के मन में खौफ पैदा होगा। स्वाति यादव ने कहा कि विश्व में इंडिया ही ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा महिलाएं असुरक्षित हैं।

कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि देते बच्चे।- फोटो : CITY OFFICE

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