महानगर के वार्ड नंबर 22 स्थित नगला मसानी हजीरा रोड पर जलभराव से गुजरते वाहन
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कड़ाके की सर्दी एवं कोहरे में घुटने तक गंदे पानी में कोई व्यक्ति गिर जाए तो स्थिति की कल्पना कर सकते हैं। नगला मसानी हजीरा रोड पर आए दिन ऐसी ही स्थिति सामने आती है। जलभराव वाले क्षेत्र में ट्रांसफार्मर रखा है जो कभी हादसे का कारण बन सकता है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगला मसानी हजीरा रोड पर पिछले कई महीनों से जलभराव हो रहा है। कोरोना काल एवं लॉकडाउन के दौरान जब शहर की गलियों को सैनिटाइज कर संक्रमण मुक्त किया जा रहा था, यहां के बाशिंदे बदबूदार पानी के बीच जीवन गुजारने को मजबूर थे। नगर आयुक्त, वार्ड पार्षद से लेकर विधायक तक लोग पहुंचे लेकिन स्थिति सुधरने के बदले बिगड़ती चली गई। कड़ाके की सर्दी एवं कोहरे में भी किसी ने यहां के निवासियों के तकलीफ को समझने एवं दूर करने का प्रयास नहीं किया। स्थानीय निवासी सत्य प्रकाश ने जलभराव से निजात दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
उन्होंने बताया कि टीकाराम गर्ल्स स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं स्कूल नहीं जा पाती है। ई-रिक्शा पलटने से उसमें बैठी बुजुर्ग महिला पानी में गिर गई। वह डॉक्टर से इलाज कराकर घर लौट रही थी। अंडेवाले की ढकेल पलट गई। अंडे बर्बाद हो गए। बाइक वाले रोज गिरते हैं। कुंजलपुर निवासी विजेंद्र यादव कहते हैं कि हमारी परेशानी को समझने वाला कोई नहीं है। आज तक आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। वार्ड नंबर 22 के पार्षद नीलेश उपाध्याय ने बताया कि नगर निगम में फरियाद करते-करते थक गए हैं। चार-पांच रोज पहले नगर आयुक्त एवं शहर विधायक संजीव राजा को इस संबंध में पत्र सौंप चुका हूं।