बिजौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत दादों और गंगीरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत जिरौली में स्थापित की गईं पानी की टंकियों से करीब 25 हजार की आबादी को 12 वर्ष से पानी मयस्सर नहीं हो रहा है। ग्रामीण अपने संसाधनों से जमीन से पानी निकालकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। इस तरह हर घर जल का नारा हवा-हवाई साबित हो रहा है।
पहले बात करते हैंं दादों ग्राम पंचायत में 12 वर्ष से खड़ी टंकी की। वर्ष 2014 में लाखों रुपये की लागत से बनी टंकी से मात्र दो से तीन महीने तक ही पानी सप्लाई हुआ। पाइप लाइन फट जाने से आज छह गांवों के लोग पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार के मजदूरों द्वारा पानी की पाइप लाइन को जगह-जगह तोड़ दिया गया। इसके चलते जलापूर्ति बाधित हो गई। समय बीतने के साथ पाइप लाइन और भी ज्यादा क्षतिग्रस्त होती गई और टंकी पूरी तरह कंडम हालत में पहुंच गई है।
ग्राम पंचायत की करीब 15 हजार की आबादी इस टंकी पर निर्भर थी। पंचायत में पांच मजरे नगला परसी, नगला भूड़, नगला झंडा, नगला खंजी और नगला उदित लगते हैं। ग्रामीण अब भी टंकी के चालू होने की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विजय यादव ने बताया कि टंकी बनने के बाद कुछ दिन पानी मिला। कई साल से टंकी खारिज पड़ी है।
ज्ञान सिंह राजपूत का कहना है कि 15 हजार की आबादी मजबूरी में निजी सबमर्सिबल और हैंडपंप का सहारा ले रहे हैं।
अब बात करते हैं गंगीरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत जिरौली में खड़ी टंकी की। इस टंकी की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। यहां भी टंकी महज कुछ दिनों तक ही ग्रामीणों को पानी दे सकी। इसके बाद से यह टंकी बंद पड़ी है। यहां पर आबादी हजारों में है।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के कुछ समय बाद ही टंकी से पानी आना बंद हो गया। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। हालात यह हैं कि अब टंकी से जुड़े पाइप भी जगह-जगह से टूट चुके हैं। टंकी और पाइप लाइन पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। पानी की आपूर्ति ठप होने के बाद गांव के लोगों ने अपने-अपने घरों में सबमर्सिबल और हैंडपंप लगवा लिए हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि बंद पड़ी टंकी को जल्द से जल्द ठीक कराकर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। ताकि उन्हें निजी संसाधनों पर निर्भर न रहना पड़े।
तंजीम ने बताया कि टंकी बनने से शुरू में लगा था कि गांव में पानी की बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी। अब यह सिर्फ देखने भर की चीज बनकर रह गई है।
कालू यादव का कहना है कि सरकार ने टंकी तो बनवा दी लेकिन उसकी देखरेख के लिए कोई व्यवस्था नहीं की।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कप्तान सिंह ने बताया कि कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायत दे चुके हैं लेकिन पानी की टंकी को चालू नहीं किया जा रहा है।