स्मार्ट सिटी में चयन होने के बाद अपने संवरने की राह देख रहे शहर में बुधवार की सुबह और शाम की बारिश आफत दे गई। बारिश से शहर के गोविंद नगर और कुलदीप विहार में मकानों में पानी घुस गया। कई लोग इलाके से पलायन कर गए। नगला मसानी में एक मकान ढहा, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। नगला मानसिंह में भी एक मकान ढह गया। शहर के नाले उफना गए। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। नालों के साथ उफनी गंदगी ने बाजारों में और सड़कों पर असुविधा पैदा कर दी। बिजली संकट ने उमस भरी गर्मी में लोगों को व्याकुल कर दिया।
बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और अगले डेढ़ घंटे तक अच्छी बारिश हुई। नगला मसानी में द्वारिकाधीश मंदिर के पास एक मकान गिर गया, जिसकी चपेट में आकर एक व्यक्ति घायल हो गया। बारिश के चलते शहर के पुराने और निचले हिस्सों के साथ ही सिविल लाइन और रामघाट रोड इलाके में जलभराव हो गया। गोविंद नगर में महावीर सिंह, काली चरण, रामबाबू, भूरे सिंह, बांके लाल, राजेश, राम बहादुर, सुभद्रा, ब्रज किशोर आदि के मकानों में पानी भर गया। इस इलाके से लोग पलायन कर गए। यहां पर नगर निगम ने मिट्टी के कट्टे रखवा कर पानी भरने से रोकने के इंतजाम किए हैं, लेकिन शाम की बारिश ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी। बाईपास स्थित कुलदीप विहार में मकानों में पानी भर गया। देहलीगेट क्षेत्रा के नगला मसानी निवासी धर्मेंद्र अपने परिवार के साथ बुध्वार को घर पर ही था। शाम करीब पांच बजे हुई तेज बरसात के कारण उसका दो मंजिल मकान भरभरा कर गिर पड़ा। धर्मेंद्र व उसका भाई अजय, सुनील और भारत मलबे में दब गया। मकान को गिरता देख स्थानीय लोगों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन के सहयोग से चारों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान मुहल्ले में लोगों की भीड़ जुटी रही।
अलर्ट जारी, शहर सात सेक्टरों में बांटा
बुधवार सुबह को हुई बारिश से अभी शहर संघर्ष ही कर रहा था कि शाम को भी बारिश शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने सभी स्टाफ को हाई अलर्ट जारी कर दिया। शहर को सात सेक्टरों में बांट कर सभी के प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। सभी पंपिंग स्टेशनों को लगातार चालू रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पर्याप्त इंतजाम भी किए हैं। शाम को हुई बारिश से पहले से ही बिगड़ी बिजली व्यवस्था और बिगड़ गई। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि बुधवार को सुबह और फिर शाम से हुई लगातार बारिश को ध्यान में रखते हुए शहर में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की गई है। सभी पंपिंग स्टेशन काम करते रहें, इसके लिए सभी पंपों पर डीजल रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह भी नाले और नालियों को ब्लाक नहीं करें। दूसरी ओर शाम को बारिश के चलते 33 केवी बारहद्वारी, गांधी पार्क और जिला अस्पताल फीडर पर ब्रेक डाउन हो गया। शहर के अन्य हिस्से, राम घाट रोड, स्वर्ण जयंती नगर, घंटा घर बिजली घर से जुड़े इलाकों, मेडिकल रोड आदि में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
इसलिए उफन रहे हैं नाले...
- इगलास रोड पंपिंग स्टेशन से लाल डिग्गी पोखर तक 6.5 किलोमीटर लंबाई का यह नाला जवाहर भवन, कचहरी, नई बस्ती, सराय रहमान, अशोक नगर होता हुआ गुजरता है। इसकी तली झाड़ सफाई पिछले चार दशकों में नहीं हुई है।
- आईटीआई रोड से अलीगढ़ ड्रेेन तक 1.5 किलोमीटर लंबाई के नाले की सफाई भी नहीं हो सकी है।
- रामघाट रोड पर अहिल्याबाई जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम तक नाला है। इस नाले को स्टेडियम के पास कुछ दिन पहले दीवार ढहने पर बंद किया गया था। जिससे स्टेडियम में नाले का पानी नहीं जाए। अब स्टेडियम की दीवार बन गई है, लेकिन नाले का बंधा नहीं खोला गया है।
- मेडिकल रोड पर एक किलोमीटर लंबा नाला है, जो बाईपास पर ड्रेन में मिलता है। इस नाले पर अतिक्रमण की गंभीर समस्या है।
- दोदपुर जाकिर हुसैन स्कूल के सामने से लाल डिग्गी तक एक किलोमीटर की लंबाई का नाला है। इसकी स्थिति संतोषजनक है
- जफर इकबाल रोड पर मेडिकल रोड से जाफरी ड्रेन तक एक किलोमीटर लंबाई के नाले की सफाई पूरी तरह नहीं हुई है।
- जीवनगढ़ रोड पर डेढ़ किलोमीटर लंबा नाला है। जो बाईपास पर ड्रेन में जाकर मिलता है। पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।
- समद रोड से रामघाट रोड क्वार्सी पीएसी तक 1.7 किलोमीटर लंबा नाला है। लेकिन जबसे यह बना है। तब से इसकी सिल्ट को पूूरी तरह बाहर नहीं निकाली जा सकी है।
- रामबाग से अतरौली अड्डे तक नाले की लंबाई दो किलोमीटर है। लेकिन नाले पर पड़े स्लैब आदि के चलते इसकी भी सफाई पूरी तरह नहीं हो सकी है।
- जीडी रोड तहसील से सूत मिल तक 1.7 किलोमीटर लंबा नाला है। इस नाले पर पंपिंग का पानी भी गिरता है। इस पर ब्लू बर्ड स्कूल के सामने दुकानों ने कब्जा कर लिया है।
- कमेला रोड जिसे स्लाटर हाउस रोड भी कहा जाता है, इस पर दोनों ओर 3.4 किलोमीटर की लंबाई के नाले हैं। लेकिन इन नालों की तली झाड़ सफाई नहीं हुई है।
- आगरा रोड पर सासनी गेट चौराहे से एडीए कालोनी तक दोनों और एक किलोमीटर की लंबाई का नाला है। इस नाले की भी तली झाड़ सफाई नहीं हुई है। यह जलभराव ग्रस्त रहने वाला इलाका है।
- रावणटीला से क्वार्सी बाईपास तक 2.2 किलोमीटर लंबा नाला है। लेकिन इसकी पूरी तरह सफाई नहीं हुई है। जबकि कूड़े के फेंके जाने से इसमें ब्लाकेज पैदा हो गए हैं।
- खैर रोड चौराहे से खैर रोड नादा पुल बंबा तक दोनों साइड 4.5 किलोमीटर लंबाई का नाला है। यहां पर पिछले करीब एक साल से जलभराव बना हुआ है। बिना बरसात के भी यह इलाका जलभराव से ग्रस्त हैं। बारिश के समय परेशानी और बढ़ गयी है।