हर सड़क में गड्ढे हैं। इन गड्ढों में फंसने से वाहन खराब हो रहे हैं। नई गाड़ियां कुछ दिन बाद ही सर्विस मांगने लगती हैं। वाहनों में हो रहे नुकसान के लिए लोगों ने अब अदालत का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक मामले ने जिला उपभोक्ता अदालत ने नगर आयुक्त को गड्ढों से खराब हुई गाड़ी की भरपाई के लिए जुर्माना देने का आदेश दिया था। लेकिन निगम ने नोेटिस को नजरअंदाज किया। अब जिला उपभोक्ता अदालत के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी नगर आयुक्त के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। इन वारंट में नगर आयुक्त को 10 जून को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
दरअसल महानगर की पॉश कालोनी स्वर्ण जयंती नगर को जाने वाली गोविला गैस गोदाम वाली गली में पिछले वर्ष जलभराव के चलते गड्ढे हो गए थे। इन गड्ढों में इसी गली से सटी रामबाग कालोनी के सेवानिवृत्त रामकुमार शर्मा की कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में उनके द्वारा 6 जुलाई को नगर आयुक्त को शिकायत दी गई। मगर उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बाद में वे जिला उपभोक्ता अदालत में गए।
जहां से उनके पक्ष में इसी वर्ष 23 मार्च में यह आदेश हुआ कि नगर आयुक्त उन्हें इस नुकसान की भरपाई के रूप में 50 हजार रुपये देंगे। यह आदेश नगर निगम में रिसीव करा दिया। मगर कोई ध्यान नहीं दिया। निर्धारित समय 45 दिन बीतने पर पिछले दिनों अदालत ने नगर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अब शुक्रवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाण मीणा के जमानती वारंट जारी कर दस जून को तलब किया है।