मौसम का बदलाव लोगों की सेहत खराब कर रहा है। जिसकी वजह से इन दिनों जिले के सरकारी अस्पतालों में सुबह से ही भीड़ लग जाती है। जिसकी वजह से व्यवस्थाएं ध्वस्त हो रहीं हैं। पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक मरीजों का पसीना निकल जाता है। उमस के चलते लाइन में लगने वाले मरीज सही होने की जगह बीमार हो रहे हैं। अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज उल्टी, दस्त, पेट खराब, पानी की कमी के आ रहे हैं।
बृहस्पतिवार को पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी और इमरजेंसी मिलाकर करीब 646 मरीज आए। जिनका चिकित्सकों ने उपचार किया। वहीं जिला मलखान मलखान सिंह में 908 मरीज आए। कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि बारिश के चलते बृहस्पतिवार को दोनों ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही है। हालांकि अस्पताल में एडी हेल्थ डॉ. वीके सिंह के निरीक्षण के बाद डॉक्टर ओपीडी में बैठे मिले। संवाद
नौ दिनों में कितने मरीज आए
डीडी अस्पताल मलखान सिंह
21 जून 1213 मरीज 1688 मरीज
22 जून 1180 मरीज 1494 मरीज
23 जून 990 मरीज 1454 मरीज
24 जून 1131 मरीज 1705 मरीज
25 जून 1156 मरीज 1660 मरीज
27 जून 1232 मरीज 1747 मरीज
28 जून 1145 मरीज 1618 मरीज
29 जून 1073 मरीज 1442 मरीज
30 जून 646 मरीज 908 मरीज
गर्मी से बचने के लिए विशेषज्ञों की राय
-सीधे धूप के संपर्क में न आएं।
- धूप में निकलते समय सिर पर टोप या छाते का प्रयोग करें।
- धूप से बचकर छांव में खड़े हों।
- ढीले, सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- मेहनत वाला काम करने से बचें।
- पानी उबालकर पीएं।
- नमक चीनी का घोल या ओआरएस का सेवन करें।
- बाहरी प्रदूषित पेय पदार्थों की जगह घर में ही जूस बनाकर पीएं।
- मौसमी फल का सेवन करें।
क्या न करें
- गहरे रंगों के वस्त्र न पहनें।
-बाजार के पेय पदार्थों का सेवन न करें।
- आहार में मिर्च मसालों का प्रयोग कम करें।
- दूषित कुल्फी, आइसक्त्रस्ीम से बचें।
- बाहर से आकर तुरंत पानी न पिएं ।
- खाना कम खाएं, तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
विटामिन सी का प्रयोग करें
लगातार उमस और गर्मी बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को विटामिन सी युक्त चीजों का ज्यादा उपयोग करना चाहिए। बाहर की चीजों को नजरअंदाज करें। सीधी धूप के संपर्क में न आएं। कभी-कभी सूरज की किरणों से माइग्रेन व सिर दर्द हो जाता है। ऐसे में सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लें। होम्योपैथी में नेट्रम कार्ब व ग्लोइंग दवा आती है उसका प्रयोग कर सकते हैं।
डॉ. पूनम बत्रा, होम्योपैथी चिकित्सक व मनोवैज्ञानिक सलाहकार
गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में बच्चे व बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को रोटा वायरस की डोज लगवाएं। वहीं बाहर की दूषित चीजें खाने से बचें। मौसमी फलों का प्रयोग करें। पानी की कमी से बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल लेकर चलें। हल्का खाना खाने के साथ ही तरल पदार्थों का प्रयोग करें।
डॉ. प्रदीप बंसल, बाल रोग विशेषज्ञ