भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत शारदा की ओर से वैश्य समुदाय को कम से कम पांच संतान पैदा करने की सार्वजनिक सलाह देने पर पूर्व सपा विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के जिम्मेदार पद पर रहते हुए इतने बड़े मंच से ऐसा भाषण देना उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। इससे भाजपा का दोहरा चरित्र सामने आ गया है।
जहां पीएम मोदी और सीएम योगी ‘छोटा परिवार-सुखी परिवार’, ‘हम दो-हमारे दो’ का राग अलापते हैं। वहीं, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कम से कम पांच बच्चे पैदा करने को प्रोत्साहित करते हैं। अब भाजपा तय करे कि सही क्या है..? गौर हो कि भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत शारदा ने वैश्य समुदाय के परिवारों को पांच संतान पैदा करने का सुझाव दिया था, जो सोशल मीडिया में सुर्खियों में आ गया है।
पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा नेता भारतीय समाज को तोड़ने की बात कर रहे हैं, जिसकी वह कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उनको ये सिद्धांत पहले पीएम मोदी और सीएम योगी से पूरा कराना चाहिए था, उसके बाद जनता को सलाह देनी चाहिए थी। भाजपा नेता द्वारा सिर्फ वैश्य समाज की बात करना दोगली राजनीति को दर्शाता है, जो भारतीय संविधान का अपमान है।
देश में विभिन्न जातियों को समानता का अधिकार है, लेकिन भाजपा वाले सिर्फ वैश्यों की बात करेंगे तो किसान, दलित, बौद्ध, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, आदिवासी, वाल्मीकि, अति पिछड़े, रिक्शेवाले, गरीब, मजदूरों की बात कौन करेगा..? पीएम मोदी नारा देते हैं ‘सबका साथ-सबका विकास’
लेकिन उनको किसानों का दुख नहीं दिखाई दे रहा।
पूर्व विधायक ने कहा कि भारत का मुसलमान दूसरा पाकिस्तान नहीं बनने देगा। भारतीय मुस्लिम समाज किसी के भड़काऊ भाषणों में नहीं आने वाला। अब जनता भाजपा की दोगली बातों को समझ गई है। जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपाई ऐसे भाषण दे रहे हैं। शारदा खुद बताएं कि उनके कितने बच्चे हैं..? पूर्व विधायक ने कहा कि तीनों काले कृषि कानून, महंगाई, रोजगार, निऱ्शुल्क शिक्षा, बिजली दरों को आधा करने पर भाजपा नेता क्यों नहीं बोल रहे..? अगर वो इन समस्याओं पर नहीं बोल पा रहे तो आबादी क्यों बढ़वाने पर तुले हैं।