अलीगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि राशन की दुकानों पर गेहूं की आपूर्ति को रुकवा दिया गया है। नई खेप जब आएगी तो उसकी जांच के बाद ही आपूर्ति कराई जाएगी। इस मामले में गेहूं के माल गोदाम से एफसीआई के गोदाम तक पहुंचने, यहां पर संबंधित अधिकारी के जांच करने की भूमिका भी चेक की जाएगी। साथ ही राशन ठेकेदारों से दुकानों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी। इसमें जो भी अधिकारी और कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गेहूं की जांच में कहां रह जाती है कमी
जिले में राशन की दुकानों पर वितरण के लिए आने वाले गेहूं की जांच में कहां पर कमी रह जाती हैं, इस संबंध में राशन ठेकेदार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय विक्रम बताते हैं कि नियमानुसार एफसीआई द्वारा गेहूं पहले रेलवे के गोदाम पर आएगा। यहां से एफसीआई के गोदाम पर पहुंचेगा। यहां पर रीजनल मैनेजर गेहूं की जांच करेंगे। इसके बाद गेहूं ठेकेदारों तक पहुंचेगा। यहां से राशन की दुकानों पर पहुंचेगा।
स्थिति यह है
- अधिकांश मामलों में एफसीआई रेलवे के माल गोदाम से ही ठेकेदारों तक गेहूं की खेप पहुंचा देती है। जो बचता है उसे गोदामों तक पहुंचा दिया जाता है। इससे लाखों रुपया भाड़े का बच जाता है।
- लगातार इसी क्रम के बने रहने से गोदाम में पड़ा गेहूं लंबे समय तक पड़ा रहता है और उसकी गुणवत्ता बिगड़ने की संभावना बन जाती है।
- जब गुणवत्ता बिगड़ने की स्थिति बन जाती है तो एफसीआई उसे आननफानन राशन ठेकेदारों को आपूर्ति करता है।