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Aligarh News: अफसरों की यह कैसी जांच, अलीगढ़ में घुन लगा सरकारी गेहूं भी हो गया पास

Sat, 15 Feb 2025 11:34 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अफसरों का दावा है कि इस गेहूं की भी जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट जारी होने के बाद ही वितरण शुरू कराया गया था। लेकिन या तो जांच हुई ही नहीं या फिर किसी एक बोरी से दस पांच दाने निकालकर चेक कर लिए गए।
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गेहूं - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन की दुकानों से बंटने के लिए आए गेहूं की पहले पंजाब और हरियाणा में जांच हुई। रैक पहुंचने पर फिर एफसीआई की टीम ने भी क्वालिटी जांची। अलीगढ़ में भी खाद्य और वितरण से जुड़े लोगों ने परीक्षण किया। सभी ने क्वालिटी जांच में गेहूं को बेहतर बताया । लेकिन जब यही गेहूं बंटा तो इसमें फफूंद और घुन लगा हुआ था। प्रशासन ने आनन-फानन में इसके वितरण पर रोक लगा दी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब क्वालिटी परीक्षण किया था तब गेहूं में घुन क्यों नहीं दिखा। अब जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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जनपद में राशन की 1350 दुकानें हैं। इन दुकानों से हर माह गरीब परिवारों को गेहूं का वितरण कराया जाता है। इस बार पीडीएस में वितरण के लिए अलीगढ़ जिले को गेहूं पंजाब और हरियाणा से आया था। गेहूं की यह रैक अगस्त में जिले को मिली थी। इसे एफसीआई के गोदाम में रखवा दिया गया था। नियम यह है कि जब गेहूं गोदाम में आता है तो उसकी क्वालिटी की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जाती है। अगर गेहूं में कोई खराबी होती है तो उसे वापस करने के लिए लिख दिया जाता है। 

अफसरों का दावा है कि इस गेहूं की भी जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट जारी होने के बाद ही वितरण शुरू कराया गया था। लेकिन या तो जांच हुई ही नहीं या फिर किसी एक बोरी से दस पांच दाने निकालकर चेक कर लिए गए। अफसरों की इसी लापरवाही के कारण 135 दुकानों से खराब गेहूं का वितरण कार्ड धारकों को कर दिया गया। करीब 30 हजार कार्ड धारकों के घरों तक यह घुन लगा गेहूं पहुंच गया है।

राशन के लिए आने वाले गेहूं के संबंध में एफसीआई के गोदाम में गेहूं के आने पर उसकी जांच और गुणवत्ता की जिम्मेदारी एफसीआई की ही है। यहां तक कि उसके वितरण की जिम्मेदारी भी एफसीआई की है। अब जो घटनाक्रम हुआ है उसके बाद गोदाम में गुणवत्ता की जांच कमेटी करेगी। अब आपूर्ति से पहले भी यही कमेटी जांच करेगी।-राममूर्ति, क्षेत्रीय प्रबंध अधिकारी

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डीएम बोले- गेहूं के आने से लेकर वितरण तक की जांच होगी

अलीगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि राशन की दुकानों पर गेहूं की आपूर्ति को रुकवा दिया गया है। नई खेप जब आएगी तो उसकी जांच के बाद ही आपूर्ति कराई जाएगी। इस मामले में गेहूं के माल गोदाम से एफसीआई के गोदाम तक पहुंचने, यहां पर संबंधित अधिकारी के जांच करने की भूमिका भी चेक की जाएगी। साथ ही राशन ठेकेदारों से दुकानों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी। इसमें जो भी अधिकारी और कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

गेहूं की जांच में कहां रह जाती है कमी
जिले में राशन की दुकानों पर वितरण के लिए आने वाले गेहूं की जांच में कहां पर कमी रह जाती हैं, इस संबंध में राशन ठेकेदार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय विक्रम बताते हैं कि नियमानुसार एफसीआई द्वारा गेहूं पहले रेलवे के गोदाम पर आएगा। यहां से एफसीआई के गोदाम पर पहुंचेगा। यहां पर रीजनल मैनेजर गेहूं की जांच करेंगे। इसके बाद गेहूं ठेकेदारों तक पहुंचेगा। यहां से राशन की दुकानों पर पहुंचेगा।

स्थिति यह है
  • अधिकांश मामलों में एफसीआई रेलवे के माल गोदाम से ही ठेकेदारों तक गेहूं की खेप पहुंचा देती है। जो बचता है उसे गोदामों तक पहुंचा दिया जाता है। इससे लाखों रुपया भाड़े का बच जाता है।
  • लगातार इसी क्रम के बने रहने से गोदाम में पड़ा गेहूं लंबे समय तक पड़ा रहता है और उसकी गुणवत्ता बिगड़ने की संभावना बन जाती है।
  • जब गुणवत्ता बिगड़ने की स्थिति बन जाती है तो एफसीआई उसे आननफानन राशन ठेकेदारों को आपूर्ति करता है।
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