सपाइयों की किसान यात्रा में किसान गांव घेरा चौपाल 25 दिसंबर से शुरू होगी। जिसमें सपा के सभी नेता अपने-अपने इलाके के गांवों में पहुंच कर किसानों से संवाद करेंगे। वह किसानों के साथ तीन नए कृषि कानूनों के बारे में वार्ता करेंगे। किसान लगातार इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सपाई किसानों के साथ लगातार कदम से कदम मिला कर चलने का हर प्रयास कर रहे हैं। लगभग एक पखवाड़े से सपा की किसान यात्रा जारी है।
सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले सपाइयों की इस अलाव चौपाल की वीडियो रिकार्डिंग प्रदेश नेतृत्व को भेजी जाएगी। प्रदेश नेतृत्व इसको राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजेगा। जिस पर राष्ट्रीय नेतृत्व आंकलन करेगा।
माना जा रहा है कि अभी से टिकट और संगठन के अलग-अलग पदों के दावेदारों की जमीनी मेहनत भी इसी से आंकी जाएगी। सपा इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर ज्वलंत बना कर जनाधार बढ़ाने में लगी है। हालांकि अब तक हुई किसान यात्रा में सपाई गांव-गांव पहुंचे, लेकिन किसानों की बड़ी संख्या उनके साथ जुड़ती नहीं दिखाई पड़ रही है। सपाई इसकी वजह खेतों में काम और कोरोना काल और किसानों की समस्याओं को बता रही है।