इंदिरा लहर के बाद प्रदेश में नवां विधानसभा चुनाव 1985 में हुआ। इस चुनाव में सभी दलों ने कुछ सीटों पर चेहरे बदलकर दावं खेला। जातीय व धार्मिक ध्रुवीकरण के सहारे हुए इस चुनाव में सभी का संतोषजनक परिणाम रहा। चरण सिंह की अगुवाई में नवगठित लोकदल ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले की चार सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने भी चार सीटें कब्जाईं। वहीं, भाजपा ने अपनी परंपरागत अतरौली व कोल सीट पर कब्जा बरकरार रखा।
ये था प्रदेश में दलों का समीकरण
उत्तर प्रदेश में सात राष्ट्रीय दल भाजपा, सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस सोशलिस्ट, कांग्रेस, जनता पार्टी व लोकदल मैदान में थे, जबकि तीन राज्य स्तरीय दल ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक, कांग्रेस जे, रेवोलेशनरी सोशलिस्ट पार्टी चुनाव मैदान में थे। इसके अलावा, दो अपंजीकृत दल चुनाव मैदान में थे। इस चुनाव में प्रदेश की 425 सीटों में से 269 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। लोकदल मात्र 84 सीटों पर रह गई और 16 पर भाजपा जीती।
भाजपा के गढ़ को नहीं हिला पाया कोई
प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता कल्याण सिंह व उनके सहयोगी किशनलाल दिलेर हालांकि इंदिरा लहर में 1980 का चुनाव हारे थे। विपक्षियों को उम्मीद थी कि इस चुनाव में भी इन्हें नहीं पनपने देंगे। मगर विपक्षी इस लक्ष्य में कामयाब नहीं हुए। दोनों ने अपनी सीटों पर वापसी कर सभी को बता दिया कि ये उनकी परंपरागत सीटें हैं। इसके अलावा जिले में कांग्रेस ने गंगीरी सीट पर चेहरा बदलकर मुलायम सिंह के करीबी लोकदल से लगातार जीत रहे बाबू सिंह यादव को हराया और गंगीरी पर कांग्रेस के नए यादव नेता तिलक सिंह ने जीत दर्ज की। इसी तरह धार्मिक ध्रुवीकरण के सहारे कांग्रेस ने कैप्टन बल्देव सिंह को चुनाव में शहर सीट पर उतारा और यहां भी लोकदल के ख्वाजा हलीम को हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह कांग्रेस के दिग्गज सुरेंद्र सिंह चौहान ने बरौली पर अपनी वापसी की। जाटलैंड की इगलास व खैर सीट पर जरूर लोकदल का कब्जा हुआ। हाथरस सीट भी कांग्रेस ने जीती, जबकि सासनी व सिकंदराराऊ पर जातीय समीकरण के सहारे दोनों सीटें कांग्रेस हार गई।
ये था दसों सीटों का परिणाम
-1 लाख 52 हजार 164 मतों वाली हाथरस सीट पर कांग्रेस के नारायण हरि शर्मा 26091 मत पाकर जीते और लोकदल के रामशरण सिंह 20472 मत पाकर हारे।
-1 लाख 50 हजार 561 मतों वाली सासनी सीट पर लोकदल के डॉ. बंगाली सिंह 30370 मत पाकर जीते और कांग्रेस के धर्मपाल सिंह 16484 मत पाकर हारे।
-1 लाख 53 हजार 689 मतों वाली सिकंदराराऊ सीट पर लोकदल के सुरेश प्रताप सिंह 30551 मत पाकर जीते और निर्दलीय नेकराम शर्मा 23120 मत पाकर हारे।
-1 लाख 51 हजार 261 मतों वाली गंगीरी सीट पर कांग्रेस के तिलक सिंह यादव 32381 मत पाकर जीते और लोकदल के बाबू सिंह 32113 मत पाकर हारे।
-1 लाख 60 हजार 414 मतों वाली अतरौली सीट पर भाजपा के कल्याण सिंह 58706 मत पाकर जीते और कांग्रेस के डॉ. अनवार खां 38854 मत पाकर हारे।
-1 लाख 48 हजार 994 मतों वाली अलीगढ़ सीट पर कांग्रेस के कैप्टन बल्देव सिंह 26516 मत पाकर जीते और लोकदल के ख्वाजा हलीम 23515 मत पाकर हारे।
-1 लाख 54 हजार 712 मतों वाली कोल सीट पर भाजपा के किशनलाल दिलेर 23694 मत पाकर जीते और कांग्रेस के चंद्रपाल शैलानी 22406 मत पाकर हारे।
-1 लाख 53 हजार 824 मतों वाली इगलास सीट पर लोकदल के राजेंद्र सिंह 39915 मत पाकर जीते और कांग्रेस के उदयवीर सिंह 28806 मत पाकर हारे।
-1 लाख 51 हजार 592 मतों वाली बरौली सीट पर कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह चौहान 26731 मत पाकर जीते और जनता पार्टी के सुरेंद्रपाल सिंह 12272 मत पाकर हारे।
-1 लाख 57 हजार 492 मतों वाली खैर सीट पर लोकदल के जगवीर सिंह 31082 मत पाकर जीते और कांग्रेस के शिवराज सिंह 20678 मत पाकर हारे।