उप्र अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य ओम प्रकाश नायक के अलीगढ़ आगमन पर सर्किट हाउस में उनकी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बड़ा मामला सामने आया। एससी-एसटी एक्ट के मुकदमों में पीड़ितों को सहायता राशि नहीं मिल पा रही है। इस वर्ष दर्ज हुए 107 मामलों में से सिर्फ 28 पीड़ितों को मिली राशि। अन्य पीड़ितों को देने के लिए जिला प्रशासन को 1.44 करोड़ की जरूरत है, जिसकी मांग के लिए जिलाधिकारी स्तर से पत्राचार किया गया है। मगर, शासन से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
आयोग के सदस्य ओम प्रकाश नायक की अध्यक्षता में सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक हुई। नायक ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जनता के लिए जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न प्रकार की जन कल्याणकारी एवं आर्थिक सहायता संबंधी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र व्यक्तियों को दिया भी हो रहा है। योजनाओं की समीक्षा के दौरान कई खामियां मिलती हैं। इनमें सुधार करना जरूरी है। बैठक में उप श्रमायुक्त राजेश कुमार ने विभाग संबंधी आंकड़े रखे। जिला समाज कल्याण अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि विभाग की योजनाओं की जानकारी एवं उनकी प्रगति बताई। सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह ने बताया कि आयोग द्वारा प्राप्त कराए गए शिकायती पत्रों पर पुलिस विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
11 शिकायती पत्र एवं 35 विवेचना लंबित हैं।
एससी-एसटी एक्ट के पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने संबंधी वर्ष भर में 107 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 28 मामलों में आर्थिक सहायता पीड़ित को प्रदान कर दी गई है। अन्य लंबित मामलों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने के संबंध में 1 करोड़ 44 लाख रुपये की धनराशि आवंटित कराने के लिए जिलाधिकारी के स्तर से शासन को पत्राचार किया गया है। इस पर उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के मामलों में पीड़ितों को हर हाल में न्याय और सहायता राशि प्राप्त कराई जाए। वह शासन में इसको लेकर वार्ता भी करेंगे कि मांग की गई धनराशि को अभी तक क्यों नहीं जारी किया गया है।