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मृतक के परिजनों की जीत, मिलेंगे 6 लाख रुपये

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स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष व पूर्व न्यायाधीश उपेंद्र कुमार व वरिष्ठ सदस्य शाजिया सिद्दीकी ने हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए मृतक के परिजन को 6 लाख 18 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश बिजली विभाग को दिया है।
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चंडौस बाजार में गोविंद कुमार वार्ष्णेय किराने की दुकान करते थे। 10 मई 2016 को दोपहर 12 बजे अपने पिता कैलाश वार्ष्णेय की किराने की दुकान के बराबर में निर्माण किए जा रहे शोरूम की छत के लेंटर पर पानी का छिड़काव कर रहे थे, तभी छत से दो फिट की ऊपर से जा रही 11 हजार वोल्टेज हाइटेंशन विद्युत लाइन से छत पर करंट आ गया, जिसकी चपेट में गोविंद आकर गिर गए। आनन-फानन उन्हें उपचार के लिए कैलाश हॉस्पिटल खुर्जा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गोविंद कुमार को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद मृतक गोविंद की पत्नी वर्षा वार्ष्णेय ने बिजली अधिकारियों से विभाग की लापरवाही बताते हुए कहा कि घनी आबादी के बीच से 11 हजार वोल्टेज की हाइटेंशन विद्युत लाइन घर की छतों से गुजर रही है, जिससे यह घटना हुई। पत्नी वर्षा ने जब बिजली विभाग से क्षतिपूर्ति मांगी, तो कोई अदायगी नहीं हुई। फिर, उन्होंने स्थायी लोक अदालत में न्याय की गुहार लगाई। तमाम तथ्यात्मक स्थिति को मद्देनजर रखते हुए अदालत की दो सदस्यों की पीठ में शामिल पूर्व न्यायाधीश/अध्यक्ष उपेंद्र कुमार व वरिष्ठ सदस्य स्थायी लोक अदालत शाजिया सिद्दीकी ने मृतक गोविंद कुमार की पत्नी वर्षा वार्ष्णेय को न्याय संगत व सुबूतों के आधार पर बिजली विभाग के खिलाफ 6 लाख 18 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति धनराशि देने का आदेश दिया।
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