निगम के निदेशक मंडल की 132वीं बैठक (जो 19 मार्च 2026 को अपर मुख्य सचिव, पशुधन की अध्यक्षता में हुई थी) में यह साफ किया गया था कि निगम एक व्यावसायिक संस्था है और वर्तमान में उसके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है। चूंकि यह जमीन निगम द्वारा क्रय की गई थी, इसलिए भू-अधिग्रहण अधिनियम के तहत आंकलित मूल्य मिलने के बाद ही इस भूमि को हस्तांतरित किया जाएगा।
मामले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए प्रबंध निदेशक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने अलीगढ़ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे इस पूरे विषय पर अपनी स्पष्ट संस्तुति और आख्या सीधे निदेशक पशुपालन विभाग को भेजें।
पशु चिकित्सा महाविद्यालय खुलने से क्षेत्र के युवाओं को वेटरनरी साइंस की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। - डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी