तेज गति की सेमी बुलेट ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगाड़ी को सोमना-कलुआ के बीच चलती ट्रेन में झटका महसूस होने पर रेलबे बोर्ड में खलबली मच गई। शिकायत पर हरकत में आए अधिकारियों ने सेक्शन को ब्लाक कर दिल्ली-हावड़ा रूट की कई सुपरफास्ट ट्रेनों को जहां का तहां खड़ा कर ट्रैक को चेक किया। हालांकि उन्हें ट्रैक में कोई भी तकनीकी खामी नहीं मिली। इसके बाद रेलवे बोर्ड को सूचित कर ट्रेनों का संचालन किया गया।
रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगाड़ी बुधवार को वंदे भारत एक्सप्रेस से नई दिल्ली से बनारस जा रहे थे। ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन से सुबह छह बजे चली, इसके बाद रेल राज्यमंत्री गाड़ी में सवार यात्रियों के साथ बातचीत करने में मशगूल हो गए। साथ ही वह प्रत्येक कोच में घूमकर गाड़ी का निरीक्षण भी करने लगे। इसी दौरान सात बजे के करीब ट्रेन सोमना और कलुआ के बीच चल रही थी, तभी उन्हें झटके महसूस हुए। इस पर उन्होंने गाड़ी ट्रैक की तकनीकी खराबी या गाड़ी में किसी खराबी का अनुमान लगाते हुए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को शिकायत कर दी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद रेलवे में खलबली मच गई। करीब नौ बजे अधिकारियों ने सेक्शन को ब्लाक कर तकनीकी टीम को झारखंड संपर्क क्रांति से सोमना और कलुआ के बीच निरीक्षण कर ट्रैक की रिपोर्ट देने को रवाना किया। दूसरी ओर अलीगढ़ से भी एक तकनीकी टीम आरपीएफ और यातायात टीम रवाना की गई। करीब एक घंटे में सोमना से कलुआ के बीच ट्रैक के निरीक्षण पूरा हो सका। इसमें कोई भी खराबी न मिलने पर अधिकारियों को सूचित किया गया। क्लीयरेंस देने के बाद गाड़ियों का संचालन यथावत किया गया।
यह गाड़ियां रही प्रभावित
झारखंड संपर्क क्रांति (12826), कालका मेल (12312), सीमांचल एक्सप्रेस (12488), सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस (15484)
अजीत कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआर ने बताया कि रेल राज्यमंत्री को झटका महसूस होने के बाद सेक्शन को ब्लाक कर ट्रैक को चेक करवाया गया था। हालांकि ट्रैक में कोई तकनीकी खामी नहीं मिली है। ट्रेन अधिक स्पीड में होने के कारण कभी-कभी इस प्रकार का भ्रम यात्रियों को हो जाता है।