- टप्पल-18,899
- चंडौस-22,395
- खैर-16,989
- गोंडा-31,787
- इगलास-13,522
- धनीपुर-27,143
- अकराबाद-27,790
- बिजौली-14,886
- जवां-26,760
- अतरौली-25,100
- गंगीरी-49,143
- शहर-4,131
- कुल-2,78,545
संक्रामक एवं घातक है खुरपका-मुंहपका
सीवीओ ने बताया कि यह बीमारी पशुओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। यह संक्रामक एवं घातक विषाणुजनित रोग है। तेज बुखार तथा बीमार पशु के मुंह मसूड़े, जीभ के ऊपर, नीचे होंठ के अंदर का भाग, खुरों के बीच की जगह पर छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं। धीरे-धीरे यह दाने आपस में मिलकर बड़ा छाला बनाते हैं और आगे चलकर घाव हो जाता है। जिससे पशु जुगाली करना बंद कर देता है। टीकाकरण ही बचाव का प्रमुख उपाय है।