न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
कड़ाके की सर्दी एवं घने कोहरे के बीच दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ। जज्बा कुछ ऐसा था कि स्वास्थ्यकर्मी घने कोहरे को चीरकर टीका लगवाने पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय स्थित केंद्र पर पहुंच गए। पहला टीका एडी ऑफिस के 45 वर्षीय चतुर्थश्रेणी कर्मचारी यतेंद्र कुमार शर्मा एवं दूसरा टीका 58 वर्षीय वरिष्ठ सहायक शिवराम जाटव को लगाया गया। वहां मौजूद अधिकारी एवं कर्मचारियों ने ताली बजाकर उत्साहवर्द्धन किया। शाम पांच बजे तक 100 में से 75 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लग गए थे। 25 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित रहे।
टीकाकरण टीम से जुड़े कर्मचारियों को सुबह 8 बजे टीकाकरण केंद्र पर बुलाया गया था। प्रात: 9 से शाम 5 बजे तक टीकाकरण का समय निर्धारित है। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बीच स्वास्थ्यकर्मी समय पर केंद्र पर पहुंच गए। टीकाकरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टीका लांच किए जाने के बाद होना था। प्रधानमंत्री का संबोधन दिखाने-सुनने के लिए केंद्र पर स्क्रीन एवं स्पीकर आदि का इंतजाम किया गया था। प्रधानमंत्री द्वारा टीका लांच किए जाने के बाद केंद्र पर भी करीब 11 बजे टीकाकरण शुरू कर दिया गया।
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री भावुक हो गए। उनके गले भर गए और आंखों से आंसू छलक गए। इसका असर यहां के स्वास्थ्यकर्मियों पर भी पड़ा और उनके भीतर का डर निकल गया। 12 बजे तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे निर्मित कोविशील्ड वैक्सीन की पहली शीशी से 10 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लग गए। सभी 10 लाभार्थियों को 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में बैठाकर रखा गया। किसी तरह की दिक्कत नहीं होने पर उन्हें घर जाने दिया गया। सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने बताया कि आज जिनको टीका लगा है, उनको अगला डोज 15 फरवरी को लगाया जाएगा।
पहले दिन टीका लगवा कर खुशी महसूस कर रहा हूं। स्वास्थ्य कर्मी होने पर गर्व हो रहा है। टीका हमें कोरोना से बचाएगा। स्वास्थ्यकर्मी अब निर्भीक होकर मरीजों की सेवा करेंगे।
- यतेंद्र कुमार शर्मा, टीका लगने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
58 वर्ष का हूं। टीका लगाने के बाद कोई दिक्कत नहीं है। टीका से किसी तरह का नुकसान नहीं है। यह टीका हमारी हिफाजत के लिए है। निर्भीक होकर सभी लोग टीके लगवाएं। कोरोना को हराना है।
- शिवराम जाटव, वरिष्ठ सहायक
टीका हम सब की सुरक्षा के लिए है। इसे लगाने से किसी तरह की परेशानी नहीं है। देश के वैज्ञानिकों ने काफी मेहनत से इसे तैयार किया है। कई चरण के ट्रायल के बाद हमारे बीच पहुंचा है। किसी तरह का नुकसान नहीं है।
- डॉ. केके शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
टीका लगवा कर खुशी महसूस कर रही हूं। समय पर दूसरा डोज लगवाने आऊंगी। मेरे मोबाइल पर कल टीका के लिए मैसेज आया था। टीका लगाने के बाद अच्छा महसूस कर रही हूं। कोरोना से मानव जाति को मुक्ति मिलेगी।
- चित्रा रानी, ओएडी, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
काफी समय से टीके का इंतजार कर रही थी। आईसीयू में भर्ती कोरोना मरीजों की सेवा कर रही हूं। बिना अवकाश लिए 11 महीने से ड्यूटी चल रही है। इस टीके से कोरोना का खात्मा होगा और हम सभी सामान्य जीवन जी सकेंगे।
- सिस्टर मेरी जे सिंह, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
टीका का अपव्यय नहीं, एक शीशी से 10 डोज
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में टीका का अपव्यय नहीं हो रहा है। कोविशील्ड वैक्सीन के एक शीशी से 10 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मान कर चल रहे थे कि एक शीशी में 9 लोगों को टीके लग पाएंगे। शीशी से सीरिंज में टीका भरने एवं हवा निकालने में एक डोज बर्बाद हो जाएगा। केंद्र पर शुरू के 7 शीशी से 70 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगे। 8 वें शीशी से 5 लोगों को टीके लगे। बाकी टीका बच गया है, जिसे नष्ट कर दिया जाएगा। शीशी खुलने के 4 घंटे बाद टीके को इस्तेमाल नहीं करना है। टीका लगाने वाली गीता डे का कहना है कि पूरा डोज लगाने के बावजूद शीशी में कुछ मात्रा बच रही है। जेडी हेल्थ डॉ. वीके सिंह एवं सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने भी वैक्सीन का अवलोकन किया। टीके एडी सीरिंज से लग रहे हैं। इसमें एयर नहीं रहती है। बबल उठने पर सीरिंज के अंदर ही ठीक किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि कोविशील्ड वैक्सीन की शीशी 5 एमएल की है। प्रत्येक व्यक्ति को प्वाइंट फाइव का डोज दिया जा रहा है।
जेडी हेल्थ एवं सीएमएस ने भी लगवाए टीके
विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. वीके सिंह एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने भी टीके लगवाएं। अंतिम टीका चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजू को लगाया गया।
पीएम के कार्यक्रम के कारण व्यवस्था में मामूली परिवर्तन
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के ओपीडी ब्लॉक में केंद्र बनाया गया था। टीकाकरण के पहले प्रधानमंत्री का कार्यक्रम था, जिसे स्क्रीन पर दिखाया जा रहा था। स्क्रीन ओपीडी ब्लाक में टीकाकरण एवं निगरानी कक्ष के बगल में लगाया गया था। कार्यक्रम के दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे। पीएम का संबोधन समाप्त होने के बाद सभी लोगों को ओपीडी ब्लाक से बाहर जाने को कहा गया। उसके बाद सूची में शामिल लोगों का आईडी चेक कर एवं पर्चा बनाकर अंदर भेजा गया। रजिस्ट्रेशन रूम में कोविन पोर्टल से सूची मिलान किया गया। कार्ड बनाकर टीकाकरण रूम में भेजा गया। टीका लगने के बाद आधे घंटे तक लाभार्थी को निगरानी कक्ष में रखा गया। दो लाभार्थी ऐसे मिले, जिन्हें टीका लगने के बाद घबराहट महसूस हुई। चेकअप में बीपी, पल्स एवं अन्य चीजें सामान्य मिली। ठीक महसूस होने पर लाभार्थी घर चले गए।
ड्यूटी पर रही मौजूद...
पंकज वर्मा, राखी वार्ष्णेय, वैशाली सिंह, गीता डे, सुमिता, प्रीति, डॉ. हुमा खान, उषा देवी, डब्लूएचओ की मोनिका चौहान, डॉ. दुर्गेश कुमार, डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय आदि