राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में जुलाई से पढ़ाई चल रही है, लेकिन 154 में सिर्फ 45 अतिथि शिक्षकों की तैनाती हो सकी है। 109 शिक्षकों के पद अभी भी खाली हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि नवंबर में सेमेस्टर की परीक्षाएं भी हैं। इसके साथ ही बीए, बीएससी, एमए, एमएससी और एम.कॉम में भी सीटें नहीं भर पाई हैं।
वर्ष 2021 से विश्वविद्यालय का संचालन हो रहा है। वर्ष 2022-23 में विवि ने परास्नातक की पढ़ाई शुरू की थी, जिसकी कक्षाएं मेडिकल रोड स्थित एक निजी कॉलेज में लग रही थीं। वर्ष 2025-26 सत्र की पढ़ाई पहली बार विवि परिसर में हो रही है। यहां अतिथि शिक्षकों के सहारे पढ़ाई हो रही है। 154 में से 45 शिक्षकों की तैनाती है। विवि में 25 पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिनमें 13 कला संकाय, 8 विज्ञान संकाय, तीन कृषि संकाय और एक कला संकाय है। विभाग में दो-दो, जबकि एलएलएम में तीन और कृषि में पांच शिक्षकों की जरूरत है। पर्याप्त संख्या में शिक्षकों के न होने से जुलाई से सितंबर तक कॉलेज में 20 फीसदी पढ़ाई हो पाई है।
ये हैं सीटें
| पाठ्यक्रम |
एडमिशन |
सीटें |
| बीए |
287 |
780 |
| बीएससी |
322 |
480 |
| एमए |
385 |
780 |
| एमएससी |
210 |
240 |
| एम.कॉम |
45 |
60 |
ये चल रहे हैं पाठ्यक्रम
बीए, बीएससी, बी.कॉम, एमएससी में एग्रोनॉमी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, प्लांट जेनेटिक्स एवं प्लांट पैथोलॉजी, एमए में राजनीति विज्ञान, गृह विज्ञान, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, भूगोल, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, प्राचीन इतिहास, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, रक्षा अध्ययन एवं शिक्षा शास्त्र, एम.कॉम और एलएलएम की पढ़ाई हो रही है।