अतरौली, खैर, दादों, अकराबाद सहित अन्य क्षेत्रों में खाद की किल्लत है। 19 अगस्त को अतरौली में वितरण केंद्र पर केंद्र प्रभारी से किसानों की नोकझोंक भी हो गई थी।
अलीगढ़ में इस बार सहकारी समितियों पर पिछले साल से तीन गुना यूरिया बंट गई है, फिर भी किसान खाद के लिए जूझ रहे हैं। 23 अगस्त तक 27677 टन यूरिया बंट गई जबकि 23 अगस्त 2024 तक 9360 टन यूरिया बंटी थी। वर्तमान में पीसीएफ में 1486 टन यूरिया उपलब्ध है।
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जिले के 106 सहकारी समितियों पर 1423 टन यूरिया, 47 टन डीएपी और 315 टन एनपीके उपलब्ध है। इसी तरह बफर स्टॉक में 1486 टन यूरिया, 4015 टन डीएपी और 3784 टन एनपीके है। यहां से समितियों को भेजी जाएगी। समितियों पर 23 अगस्त 2025 तक 27677 टन यूरिया, 4439 टन डीएपी, 3290 टन एनपीके का वितरण हो चुका है।
बता दें कि अतरौली, खैर, दादों, अकराबाद सहित अन्य क्षेत्रों में खाद की किल्लत है। 19 अगस्त को अतरौली में वितरण केंद्र पर केंद्र प्रभारी से किसानों की नोकझोंक भी हो गई थी। किसान नगेंद्र सिंह का कहना है कि खाद वितरण की व्यवस्था खराब है। फर्द के हिसाब से भी यूरिया नहीं मिल रही है।
अलीगढ़ में खाद की किल्लत नहीं है। सहकारी समितियों से इफ्को, कृभको सहित प्राइवेट कंपनियों की यूरिया, डीएपी और एनपीके का वितरण किया जा रहा है। बफर स्टॉक में यूरिया, डीएपी और एनपीके पर्याप्त मात्रा में है। - नागेंद्र पाल सिंह, सहायक आयुक्त, सहकारिता, अलीगढ़