ऑडिट रिपोर्ट में मुख्य रूप से निर्माण कार्यों और उनके टेंडर की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में नगर पालिका ने निर्माण कार्यों पर 26.95 लाख रुपये खर्च किए। इसके अलावा करीब 20 लाख रुपये की अन्य अनियमिताओं की ओर भी संकेत किया गया है।
विधानसभा सत्र के दौरान पेश की गई स्थानीय लेखा निधि परीक्षा रिपोर्ट 2019-20 और 2020-21 में अतरौली नगर पालिका में 47 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में नगर पालिका द्वारा 46 लाख रुपये के निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं।
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ऑडिट रिपोर्ट में मुख्य रूप से निर्माण कार्यों और उनके टेंडर की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में नगर पालिका ने निर्माण कार्यों पर 26.95 लाख रुपये खर्च किए। इसके अलावा करीब 20 लाख रुपये की अन्य अनियमिताओं की ओर भी संकेत किया गया है। इन खर्चों को लेकर ऑडिट में कहा गया है कि कुछ मामलों में टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और काम शुरू होने से पहले तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति नहीं ली गई थी। रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रासंगिकता की जांच होनी चाहिए। साथ ही, कुछ कार्यों के लिए जारी की गई धनराशि के उपयोग को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
यह मेरे कार्यकाल से पूर्व का मामला है। देखना होगा कि रिपोर्ट में उठाई गई आपत्तियों का आधार क्या है और किस कारण आपत्तियां उठाई गई हैं। इसके बाद ही अपना पक्ष स्पष्ट किया जा सकेगा।-अमिता वरुण, अधिशासी अधिकारी, अतरौली नगर पालिका।
इन बिंदुओं पर हुई आपत्ति
बिना बिल प्राप्त किए ठेकेदारों को निर्माण संबंधी कामों के लिए 26.95 लाख रुपये का भुगतान।
ठेकेदारों के बिलों से 1 फीसदी लेबर सेस की कटौती न होने से 9.12 लाख रुपये के राजस्व की क्षति।
निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं करने पर भी अर्थदंड नहीं लगाने से 3.98 लाख रुपये का अधिक भुगतान करना।
कम बोली की जगह अधिक बोली की निविदा स्वीकृत करने पर 7.75 लाख रुपये की क्षति।